आगरा। बरौली अहीर नवीन मंडी में आढ़तियों के धरने के छठे दिन बुधवार को बसई की एक अवैध सुल्लड़़ मंडी बंद करने का नोटिस जारी हो गया। मंडी समिति ने सुल्लड़़ मंडी संचालक सपन दुबे को नोटिस देकर सख्त हिदायत दी है। दूसरी तरफ धरना दे रहे व्यापारी कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बसई की कलुआराम मंडी बंद होने तक धरना जारी रखने का फैसला लिया।
बुधवार शाम मंडी समिति की टीम बसई की सुल्लड़ मंडी पहुंची। उन्होंने पूरे परिसर में मंडी बंद करने के नोटिस चस्पा कर दिया। इसे देख वहां के व्यापारियों में खलबली मच गई। उन्होंने व्यापारियों को लाइसेंस बनवाकर बरौली अहीर मंडी में व्यापार करने को कहा। इसके साथ कहा कि फिर से यहां दुकान लगाई तो कार्रवाई होगी।
बसई में पिछले कई सालों से कलुआराम मंडी और सुल्लड़ मंडी संचालित हो रही है। उनके आसपास की जमीन में भी दर्जनों अवैध आढ़त चल रही हैं। सुल्लड़ मंडी में करीब 75 दुकानें संचालित हैं। इसमें बड़ी संख्या में किसान और पैकार सब्जी बेचन-खरीदने आते हैं। इससे मंडी समिति को भी करीब 10 लाख रुपये का हर महीने राजस्व नुकसान हो रहा था। अब इसका संचालन हुआ तो मंडी समिति कार्रवाई करेगी।
कलुआराम मंडी बंद होने तक धरना रहेगा जारी
बरौली अहीर मंडी में छठे दिन भी धरना जारी रहा। उनके समर्थन के लिए भाजपा नेता उपेंद्र सिंह और भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया समर्थन के लिए पहुंचे। मंडी उपाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह ने कहा कि केवल सुल्लड़ मंडी के बंद होने से कुछ नहीं होने वाला है। कलुआराम मंडी भी अवैध है। जब तक बसई की सभी अवैध आढ़त और मंडी बंद नहीं होंगी, बरौली अहीर मंडी का संचालन नहीं हो सकता है। वहां कोई किसान और पैकार नहीं आएगा। सभी व्यापारी कलुआराम मंडी के बंद होने तक धरना जारी रखेंगे। इस दौरान समाज सेवी विजय सिंह लोधी, होतम सिंह, श्रीलाल तोमर, निरंजन सिंह, मनोज बघेल, ब्रज किशोर, चेतन झा व अन्य आढ़ती शामिल रहे।
सिकंदरा मंडी में धरने को समर्थन
बरौली अहीर मंडी में धरना दे रहे आढ़तियों के समर्थन में बुधवार को सिकंदरा मंडी में व्यापारियों ने बैठक की। आलू-प्याज मंडी एसोसिएशन के राजू भाई ने कहा कि बसई की सभी मंडी अवैध हैं। उन्हें मंडी समिति तत्काल बंद करे। वह बरौली अहीर के व्यापारियों के साथ है।
मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी
सुल्लड़ मंडी के संचालक सपन दुबे को नोटिस भेज दिया। मंडी में भी नोटिस चस्पा किए गए हैं। उसमें अगर कोई आढ़त खुली तो मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। कलुआराम मंडी पर प्रशासन फैसला लेगा।- अजय प्रताप सिंह, सचिव, मंडी समिति