आगरा। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत भुगतान में देरी और लापरवाही पर सीएचसी आंवलखेड़ा, फतेहाबाद व जैतपुर के प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, बेहतर कार्य करने वाले बरौली अहीर, अछनेरा और किरावली के प्रभारियों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की।
जिलाधिकारी ने आशा बहुओं की कार्यशैली पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण और जननी सुरक्षा योजना की सफलता आशाओं की सक्रियता पर निर्भर है। निष्क्रिय आशाओं को चिह्नित कर उन्हें सुधार का नोटिस दें। फिर भी सुधार न हो तो सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि काम न करने वालों को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उन्होंने क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की। उन्होंने कहा कि टीबी लाइलाज नहीं है, बस मरीज समय पर दवा और पर्याप्त पोषण लें।
इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने और ई-कवच के माध्यम से सभी परिवारों की आभा आईडी जनरेट करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मातृ मृत्यु पर जताई नाराजगी
जिलाधिकारी ने मार्च में हुई तीन मातृ मृत्यु पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी मामलों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब करते हुए कहा कि मातृ मृत्यु दर में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुदूर क्षेत्र बाह में सिजेरियन प्रसव की सुविधा बढ़ाने के लिए वहां तत्काल सर्जन की तैनाती के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रसव के बाद खाता न होने की स्थिति में मौके पर ही बैंक खाता खुलवाकर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कहा ।
नियमित फॉगिंग के दिए निर्देश
संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने दस्तक अभियान और वेक्टर जनित रोगों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि जनपद की 690 ग्राम पंचायतों में से मात्र 115 में फॉगिंग मशीन उपलब्ध है। इस पर उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों और नगर निगम को नई फॉगिंग मशीनें खरीदने और नियमित फॉगिंग कराने के सख्त निर्देश दिए। डेंगू के सात मरीज मिलने पर आरआरटी टीम को सक्रिय करने और कर्मियों को प्रशिक्षित करने को कहा।