देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन को नहीं मिल रहे यात्री,
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नोटबंदी में क्या आम, क्या खास, हर किसी को नगदी के संकट से जूझना पड़ रहा है। यही वजह है कि पाई-पाई सोच समझ कर खर्च करने वाले इन दिनों महंगे किराए वाली ‘गतिमान एक्सप्रेस’ से सफर नहीं कर रहे। देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन को आधे यात्री भी नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि इसके उलट भोपाल शताब्दी की बुकिंग कहीं ज्यादा और वेटिंग में है।
नोटबंदी के दौर में विदेशी सैलानी तक भारतीय मुद्रा के लिए परेशान हैं। ऐसे में वे भोपाल शताब्दी को ही चुन रहे हैं। गतिमान का किराया शताब्दी एक्सप्रेस के मुकाबले करीब डेढ़ गुना ज्यादा है। 100 मिनट में दिल्ली से आगरा पहुंचाने वाली गतिमान का एसी चेयरकार का किराया 755 रुपये है तो वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास में यह 1505 रुपये है। शताब्दी एक्सप्रेस में दिल्ली से आगरा तक रेल यात्री चेयरकार में 515 रुपये और एग्जीक्यूटिव क्लास में 1010 रुपये में आ रहे हैं।
विदेशी सैलानियों की शताब्दी ही पहली पसंद
टूर आपरेटर पंकज गुप्ता और शंकर सक्सेना के मुताबिक, टूरिस्ट पैकेज में किराया कम होने से शताब्दी सस्ती पड़ती है। नोटबंदी के दौर में सैलानी भी शताब्दी को ही चुन रहे हैं। इसी वजह से शताब्दी एक्सप्रेस में 7 से 12 दिसंबर के बीच 60 सीटें तक ही चेयरकार में खाली हैं, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में वेटिंग 26 है। गतिमान में एग्जीक्यूटिव और चेयरकार दोनों में ही लगभग 10 से 20 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं।
गतिमान एक्सप्रेस में दिल्ली से आगरा तक खाली सीटें
चेयरकार एग्जीक्यूटिव
7 दिसंबर 299 60
8 दिसंबर 390 61
10 दिसंबर 276 64
11 दिसंबर 436 52
12 दिसंबर 468 43
13 दिसंबर 482 79
(मंगलवार रात 9 बजे बुकिंग की स्थिति)