नोटबंदी के बाद बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा बंद हो चुके नोटों को जमा करने वाले आयकर विभाग के रडार पर आ गए हैं। आयकर विभाग ने ढाई लाख रुपये से ज्यादा की रकम बैंक खाते में जमा करने वालों का ब्योरा बैंकों से मांगा था। इसके बाद ऐसे 35 बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें एक करोड़ से ज्यादा के पुराने 500/1000 रुपये के नोट जमा कराए गए हैं। इन खातों के लेन-देन की प्रारंभिक जांच के बाद आयकर विभाग इन्हें नोटिस देने की तैयारी में है। नए साल में आयकर का नोटिस ऐसे खाताधारकों को जोर का झटका देगा।
नोटबंदी में जनधन खातों से लेकर बंद पड़े पुराने बैंक एकाउंट में लोगों ने पुराने नोट बड़ी संख्या में जमा कराए। भारी भीड़ और कैश की किल्लत के दबाव में बैंक मैनेजर हर दिन की जमा रकम का ब्योरा आयकर विभाग को नहीं भेज पाए लेकिन 20 दिसंबर के बाद बैंकों ने आयकर विभाग को बड़े लेन देन का ब्योरा भेजना शुरू किया। कुछ बैंकों की ही रिपोर्ट में ऐसे 35 अकाउंट पकड़ में आए हैं, जिनमें एक करोड़ से ज्यादा के पुराने नोट जमा कराए गए। इनमें से कई एकाउंट ऐसे हैं, जो कई सालों से निष्क्रिय थे। आयकर विभाग की जांच विंग ने ऐसे खाताधारकों को नोटिस भेजने की तैयारी की है।
नए साल के पहले सप्ताह तक करोड़ों जमा करने वाले खाताधारकों को नोटिस मिल जाएगा। इन सभी एकाउंट से जिन अन्य खातों में इलेक्ट्रोनिक तरीके से या कैश की निकासी हुई है, उन सभी खातों को आयकर विभाग ने खंगालना शुरू किया है। कई खाते ऐसे हैं, जिनमें चार से पांच जगह इलेक्ट्रोनिक फंड ट्रांसफर किया गया है।