चंबल के बीहड़ से होकर गुजरने वाली आगरा-भांडई वाया बटेश्वर एकल रेलमार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। घने जंगलों के बीच से गुजरने के दौरान यात्रियों को डर सताता रहता है। आगरा-इटावा पैसेंजर में आए दिन मारपीट की घटनाएं होती हैं। टीटी को भी यात्री पीट देते हैं, लेकिन चार साल बाद भी यहां पुलिस चौकी नहीं बन सकी है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर को रेलमार्ग से वर्ष 2015 में जोड़ा गया था। इस एकल रेलमार्ग पर रोजाना आगरा कैंट-इटावा पैसेंजर ट्रेन के अलावा गाजीपुर सिटी-बांद्रा एक्सप्रेस सप्ताह में दो बार गुजरती है।
कई मालगाड़ियां भी इसी ट्रैक से होकर निकलती हैं। एकल रेलवे ट्रैक घने जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस दौरान ट्रेनों की रफ्तार भी महज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है। ऐसे में ट्रेन में यात्रा करने वालों को हमेशा डर बना रहता है।