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UP: कोरोना में काम नहीं मिला तो बन गया हथियार तस्कर, तीन साल में बेच डाले इतने असलाह; महिला मित्र ने दिया साथ

Mon, 09 Dec 2024 12:39 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

कोरोना की दूसरी लहर में जब काम नहीं मिला, तो उसने हथियारों की तस्करी शुरू कर दी। पहली बार सप्लाई की मुनाफा देख उसने अपराध की इस दुनिया में कदम रख दिया। इस काम में महिला मित्र ने भी साथ दिया। 
 
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बरामद किए गए हथियार। (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मैनपुरी के हथियार तस्कर से एटीएस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद काम नहीं मिलने पर दोस्त के लिए पहली बार हथियार लेकर आया था। उसे 5000 का मुनाफा हुआ तो इसे ही कारोबार बना लिया। तीन साल में 40 से अधिक हथियार बेच चुका है। एक महिला मित्र उसकी मदद करती थी। वह मध्य प्रदेश में हाल में पकड़ी गई। अब एटीएस अन्य साथियों की तलाश कर रही है। 
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एटीएस ने 6 दिसंबर को गांव पराैख थाना, कोतवाली मैनपुरी के अंकित चाैहान को 12 बोर की पंप एक्शन गन और 260 कारतूस सहित गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ लखनऊ के गोमती नगर एटीएस थाने में केस लिखा गया। आरोपी के पास से फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुआ था। लाइसेंस शिकोहाबाद के प्रवीण शर्मा ने बनवाकर दिया था। इसके लिए 8000 रुपये लिए थे।

अंकित की महिला मित्र पिंकी थी, जिसे पिछले दिनों मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ लिया। अंकित से पूछताछ में फिरोजाबाद के सागर, राहुल, रेहान, आगरा के मुकुल भारती, शादाब, राजू चाहर, सेक्टर 63 नोएडा के निखिल के नाम का पता चला है। अब इनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। प्रवीण से अंकित ने एक चैंपियन पिस्टल 4 लाख रुपये में खरीदी थी। इस पिस्टल को गुजरात के भावनगर में अली नामक युवक को 4.50 लाख में बेचा था।
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