आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को आयुष्मान कार्ड धारक होने पर भी निजी अस्पतालों में इसका लाभ नहीं मिला। आगरा जिले में विगत 10 महीने में एक भी संक्रमित को योजना के तहत उपचार नहीं दिया गया है।
जिले में 1.61 लाख परिवारों के करीब 8.50 लाख सदस्य योजना में शामिल हैं। वर्ष 2018 से अब तक 10,695 मरीज विभिन्न बीमारियों से इलाज पा चुके हैं। मार्च में कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद लगभग दो महीने इलाज प्रभावित रहा।
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लॉकडाउन खुलने के बाद दिसंबर तक आयुष्मान कार्ड से नॉनकोविड 2101 मरीजों का उपचार हुआ, लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर निजी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल सका। जबकि इस योजना में शामिल 49 निजी अस्पताल में से दो में कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज भी हो रहा था।
केस-1
कार्ड दिखाया लेकिन मना कर दिया
शिकोहाबाद निवासी धीरज कुमार के भाई कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। उनके पास आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड है। एमजी रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज कराने लाए, उन्होंने गोल्डन कार्ड दिखाया, लेकिन अस्पताल में मना कर दिया गया। परिजनों ने मरीज के साथ कोई अहित न कर दें, इसके लिए विभाग में शिकायत नहीं की।
केस-2
आयुष्मान में इलाज की जानकारी नहीं
यमुनापार निवासी 32 साल के व्यक्ति मजदूरी करते हैं। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थी हैं। कार्ड के तहत निजी अस्पताल में कोरोना वायरस के इलाज की निशुल्क सुविधा है, इसकी जानकारी नहीं थी। पैसे नहीं थे। परिजनों ने उनको एसएन कॉलेज में भर्ती कराया।
लाभार्थियों को जानकारी भी नहीं
आयुष्मान योजना के तहत भी संक्रमण से इलाज की सुविधा है, लाभार्थियों को इसकी जानकारी नहीं है। नई बीमारी होने से नोटिफिकेशन में भी इसका नाम नहीं है। अस्पतालों ने भी बोर्ड पर इस बीमारी के पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की जानकारी दर्ज नहीं की।
कोई शिकायत नहीं आई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा है। इसके लाभार्थी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कोई शिकायत भी नहीं आई। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि अधिकांश लोग होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।
जागरूक नहीं किया गया
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों के कोरोना संक्रमित होने पर योजना का लाभ मिल सकता है, इसके लिए जागरूक करना चाहिए। कई बार मरीज इलाज कराके चला जाता है, उसे आयुष्मान कार्ड के लाभ की जानकारी ही नहीं होती है।