एटा। महिला थाना परिसर स्थित आवास मे आधी रात को घर में घुसकर सहायक अभियोजन अधिकारी नूतन यादव की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाला अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस की चार टीमें आगरा, मथुरा और दिल्ली में धनपाल की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की तलाश का केंद्र नामजद मुख्य आरोपी के रिश्तेदार, परिचित और दोस्त हैं। हालांकि दूसरे आरोपी को पुलिस ने बीती शाम ही हिरासत में ले लिया था। वहीं आगरा से हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी की पत्नी और रिश्तेदारों से पुलिस ने बुधवार को दिनभर पूछताछ की।
हत्याकांड के खुलासे के लिए एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने चार टीमों को लगाया है। इन टीमों में एक टीम सीओ सिटी, दूसरी सीओ सदर, तीसरी इंस्पेक्टर नगर और चौथी टीम स्वाट टीम है। पुलिस धनपाल तक पहुंचने के लिए सर्विलांस का भी सहारा ले रही है लेकिन बेहद शातिर माने जा रहे धनपाल का मोबाइल बंद होने से उसकी लोकेशन मिलने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा उस तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार टीमें आगरा, अवागढ़, जलेसर और खुशहालपुर के आसपास डेरा डाले हुए हैं। अफसरों का मानना है कि हत्याकांड का खुलासा जल्द हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर महिला थाना परिसर में आवासों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत कम करने के लिए फोर्स तैनात की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मौके पर पुलिस पिकेट को लगाया गया है।
हिरासत में चार से पूछताछ
शक के आधार पर बीती रात आगरा के बरहन क्षेत्र स्थित खुशहालपुर से मुख्य आरोपी धनपाल की पत्नी सरोज, बडे़ भाई श्यामवीर सिंह, भारत सिंह व श्याम वीर के साले के लड़के को हिरासत में लिया था। उनसे दिनभर पूछताछ की गई। पूछताछ के आधार पर धनपाल की तलाश तेज कर दी गई है। वहीं नूतन के पिता जगदीश प्रसाद, बहन पूनम और दोनों भाइयों मानवेंद्र और राघवेंद्र से भी जानकारी जुटा रही है।
लखनऊ तक पहुंचा मामला
डीएम-एसएसपी से मिले अभियोजन अधिकारी
एटा। एपीओ की हत्या का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। बुधवार को लखनऊ से आए अधिकारियों की टीम ने डीएम-एसएसपी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। डीएम ने निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारियों को आश्वस्त किया। वहीं टीम ने एसएसपी स्वप्निल ममगाई से भी मुलाकात कर हत्याकांड का जल्द खुलासा कराने की मांग की। इस दौरान अधिकारी संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, महासचिव विजय कुमार, उपाध्यक्ष आगरा मंडल अशोक त्रिपाठी, उपाध्यक्ष बरेली मंडल राकेश मौर्य, अपर निदेशक आगरा, अलीगढ़ मंडल देव प्रताप सिंह, अभियोजन अधिकारी लखनऊ आशीष सिंह, संयुक्त अभियोजन अधिकारी आगरा सुनील कुमार चौधरी, संयुक्त निदेशक अभियोजन विजय प्रताप सिंह, एसपीओ दिनेश द्विवेदी, एसपीओ राजेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
कमरे में हर चीज व्यवस्थित
पुलिस को घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान कमरा एकदम साफ सुथरा और व्यवस्थित मिला। जिस फोल्डिंग पर नूतन का शव मिला उसके बगल में पड़े बेड की चादर भी एकदम सही बिछी थी। नूतन के सिर पर के नीचे एक तकिया लगा था और एक तकिया पीछे पड़ था। माना जा रहा है कि आरोपी ने गोली की आवाज कम करने के लिए तकिया का सहारा लिया हो।