सर्किट हाउस में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के साथ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की पांच मिनट बातचीत हुई। इसमें मंत्री ने प्राचार्य से एसएन में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के बारे में पूछा, जिसमें चार बंद बताईं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने इसे मार्च तक शुरू करने के निर्देश दिए।
एसएन मेडिकल कॉलेज का दौरा अचानक रद्द करने के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सर्किट हाउस में ही एसएन की समीक्षा की। इसमें उन्होंने मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के बारे में पूछा तो प्राचार्य ने बताया कि 20 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में से 16 शुरू हो चुके हैं, चार का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। पूछा कब से चल रहा है, बताया कि 2016 की योजना है, कोरोना वायरस के कारण भी कार्य प्रभावित हुआ।
इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था से ऑपरेशन थिएटर को मार्च तक पूरा करने को कहा। नॉन कोविड मरीजों के इलाज के बारे में पूछने पर प्राचार्य ने बताया कि ओपीडी और ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। मंत्री ने इनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। चिकित्सा मंत्री ने कोरोना वायरस के मरीजों के इंतजाम के बारे में प्राचार्य ने गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन का भंडारण दुगना करने, आईसीयू में पलंग बढ़ाने की जानकारी दी।
ऑडिटोरियम का उद्घाटन करने इसी महीने आएंगे मंत्री
एसएन में 500 सीट का ऑडिटोरियम बनकर तैयार हो चुका है। इसका उद्घाटन होना बाकी है। प्राचार्य ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री से उद्घाटन की बात कही, इस पर उन्होंने इसी महीने में दोबारा आने पर ऑडिटोरियम का उद्घाटन करने को कहा।
प्राचार्य ने रखीं ये मांगें
4.39 करोड़ से सुधरेगी एसएन की सड़कें
इमरजेंसी से पोस्टमार्टम हाउस और विभागों तक जाने के रास्ते टूटे हुए हैं, गड्ढे भी हैं। इनके निर्माण के लिए 4.39 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा है, मंजूर होने पर सड़क बन जाएंगी, जिससे मरीजों की परेशानी नहीं होगी।
चारदीवारी-हॉस्टल की मरम्मत
एसएन की चारदीवारी और हॉस्टल जर्जर है। हॉस्टल की हालत खराब होने से छात्रों को दिक्कत हो रही है। प्लास्टर गिरने से कई कमरों को बंद करना पड़ा है। इनकी मरम्मत के लिए मंत्री ने प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा।
लेडी लॉयल परिसर किया जाए शामिल
एसएन को मिनी एम्स की तर्ज पर विकसित करने के लिए लेडी लॉयल परिसर की जमीन की जरूरत है, प्राचार्य ने लेडी लॉयल को एसएन में शामिल करने की मांग की। मंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव केबिनेट में गया हुआ है।
मरीजों की हो काउंसिलिंग, बेहतर हो व्यवहार
चिकित्सा मंत्री से समीक्षा बैठक में सीएमओ और प्राचार्य को कोरोना वायरस के मरीजों का विशेष देखभाल की हिदायत दी। उनकी मनोचिकित्सकों से काउंसिलिंग पर जोर दिया। चिकित्सक और स्टाफ का उनके साथ व्यवहार हो। सीएमओ को निर्देशित किया कि मरीजों की ट्रैकिंग के वक्त सकारात्मक व्यवहार करें, उनकी काउंसिलिंग करें, जिससे वह बीमार और अस्पताल में भर्ती होने को लेकर भयभीत न हों।