शाहदरा क्षेत्र जल संस्थान की सुविधा से काफी दूर है। सालों पहले पाइप लाइन डालने के बाद भी विभाग अब तक पानी नहीं दे पाया है। लोग हर रोज जैसे-तैसे पानी का बंदोबस्त करते हैं।
अधिकांश मोहल्ले ऊंचाई पर हैं। ऐसे में सालों से पानी नहीं पहुंचा। विभाग ने प्रेशर अधिक दिया तो पाइप लाइन फट गईं। लोग टैंकर से सप्लाई पानी पर ही निर्भर हैं। हैंडपंप खराब हो चुके हैं। भूमिगत जल इतना खारा है कि न तो इसे नहाने के काम में लाया जा सकता है, न ही कपड़े धोने के।
गर्मी में और बढ़ा बोझ
गर्मी में शाहदरा के लोगों के लिए पानी खरीदना और महंगा पड़ रहा है। अभी तक तो सिर्फ घरेलू कामकाज, नहाने और कपड़े धोने के लिए ही पानी खरीदते थे। अब कूलर के लिए भी पानी खरीदना पड़ रहा है। क्योंकि सबमर्सिबल का पानी खारा होने की वजह से वे इसे कूलर में नहीं डालते। इससे कुछ ही महीनों में कूलर की बॉडी गल जाती है।
पानी की किल्लत बहुत है। इसकी वजह से रिश्तेदार भी कम ही आते हैं। लगभग 50 रुपये का पानी हर रोज खरीदना पड़ता है, तब गुजर बसर हो पाती है।
- कैला देवी, अमर नगर
जल संस्थान ने कई साल पहले यहां पानी की पाइप लाइन तो डाल दी थीं लेकिन इनमें अब तक पानी नहीं आया। क्षेत्र में मैं तो बचपन से ही पानी का संकट देख रहा हूं।
- अब्दुल सत्तार, शाहदरा
नौ महीने बाद भी कोई अमल
एक तरफ लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं तो वहीं सरकारी सिस्टम सप्लाई के सुधार में कोई कदम नहीं उठा रहा है। लोगों की शिकायत को भी अनदेखा किया जा रहा है। एक जागरूक नागरिक ने आगरा से लेकर लखनऊ तक के अधिकारियों से खराब हैंडपंप को ठीक कराने की अर्जी दी, लेकिन नौ महीने बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हुआ है।
बरौली अहीर ब्लॉक के इस्माइलपुर निवासी भूरी सिंह तोमर ने छह अगस्त 2015 को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के टोल फ्री नंबर 18001025030 पर जनहित में खराब हैंडपंप को ठीक कराने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। मुख्य विकास अधिकारियों के यहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर 30 मार्च को उन्होंने इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के लखनऊ कार्यालय में फिर से शिकायत की। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो हुई।