मैनपुरी/इलाबांस। विकास खंड जागीर की ग्राम पंचायत पुड़री में विकास कार्यों के लिए शासन ने लाखों की धनराशि भेजी, लेकिन पंचायत के कई मजरे आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव चांदा में सबसे अधिक मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रधान और सचिव पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
ग्राम पंचायत पुड़री में कुल छह गांव हैं। इसमें पुड़री, चांदा, मानपुर, बखतपुर, दिवलपुर और भारापुर शामिल हैं। ग्राम पंचायत में विकास के लिए 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि वर्तमान प्रधान द्वारा खर्च की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्याओं से निजात नहीं मिल सकी। सबसे अधिक खराब हालत गांव चांदा की है। यहां गलियां कच्ची पड़ी हुई हैं तो वहीं उनमें कीचड़ भी है। लाख कोशिशों के बाद भी प्रधान द्वारा इन गलियों को पक्का नहीं कराया गया। वहीं शौचालय भी गांव में अधूरे पड़े हुए हैं। वहीं प्रधान और सचिव द्वारा विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में जो हालात चांदा के हैं वे विकास की पोल खोलने के लिए काफी हैं।
ग्राम पंचायत में शासन द्वारा भेजी गई धनराशि से कार्य कराए गए हैं। इसमें कोई भेदभाव नहीं किया गया है। आगे भी जो कमियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा।
प्रदीप कुमार, ग्राम प्रधान।
हाईलाइट्स
-18 हजार है ग्राम पंचायत की आबादी
-6500 हैं ग्राम पंचायत में मतदाता
-1.40 करोड़ हो चुके हैं विकास पर खर्च
-06 गांव हैं ग्राम पंचायत में शामिल
लोगों की बात
कच्ची गलियां किसी से छिपी नहीं है। गांव में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यही कहता है कि आखिर यहां विकास क्यों नहीं कराया जा रहा है।
बलराम सिंह।
जल निकासी के लिए गांव में पक्की नालियां न होने से घरों के बाहर ही पानी भरता है। बारिश के दौरान जलभराव से हालात और बिगड़ जाते हैं।
अनिल यादव।
ग्राम प्रधान द्वारा शौचालय निर्माण में भी जमकर खेल किया गया है। कहीं शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं तो कहीं मानक विहीन शौचालय बनाए गए हैं।
सुभाष यादव।
प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार ग्राम पंचायत के बारे में शिकायत की गई। लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। ऐसे में सब मनमाना चल रहा है।
राधामोहन।