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फिर अपने ही सपा के खिलाफ, आगरा जिपं अध्यक्ष के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव

Tue, 05 Sep 2017 08:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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अविश्वास प्रस्ताव - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के पांच महीने बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के तख्ता पलट की तैयारी शुरू हो गई है। 32 जिला पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष कुशल यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में सभी ने प्रभारी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को अपने शपथ पत्र सौंपे हैं। भाजपाई खेमे की ओर से लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव की कमान पूर्व में सपा का झंडा उठाने वालों ने ही संभाली है। 
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सोमवार की शाम लगभग चार बजे जिला पंचायत सदस्य एकजुट होकर संजय प्लेस स्थित विकास भवन पहुंचे। इनका नेतृत्व प्रबल प्रताप (राकेश बघेल), चौधरी यशपाल और हरेंद्र सिंह कर रहे थे। यहां सभी ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपने हस्ताक्षर कर प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी रविंद्र कुमार को सौंपा। 

इन सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर विकास कार्य न कराए जाने का आरोप लगाया। प्रभारी डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सभी सदस्यों की अपने सामने गिनती कराई। इस दौरान महिला सदस्यों के पति और अन्य लोगों को हॉल से बाहर निकाल दिया गया। इससे पहले सभी सदस्य संजय प्लेस स्थित एक होटल में एकत्रित किए गए। दावा किया जा रहा है कि इस प्रस्ताव के साथ कई और सदस्य हैं। वह किसी कारणवश यहां उपस्थित नहीं हो पाए हैं। 
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अपने ही बने दुश्मन

अविश्वास प्रस्ताव - फोटो : अमर उजाला
अविश्वास प्रस्ताव का नेतृत्व करने वाले तीन में से दो लोग (प्रबल प्रताप और हरेंद्र सिंह) सपा में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। प्रबल और यशपाल जहां अपने लिए वहीं हरेंद्र अपनी पत्नी सकला सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की दावेदारी को जोर लगा रहे हैं। हालांकि भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने के दौरान भाजपा का न तो कोई पदाधिकारी, न वरिष्ठ नेता मौजूद था और न ही पार्टी की तरफ से इस प्रस्ताव का नेतृत्व करने वाले को नियुक्त किया है।

दोस्त को शिकस्त देने की तैयारी

हरेंद्र सिंह को कुछ दिन पहले ही सपा से निष्कासित किया गया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगा था। वह जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव के पति राजपाल यादव के काफी करीबी रहे हैं। दोनों की जोड़ी काफी चर्चित रही है। मगर, दोनों के बीच पिछले लंबे समय से अनबन रही थी, इसके बाद ही हरेंद्र ने राजपाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 
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आगे की प्रक्रिया

अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद अब इसे जिला पंचायत सदन में पास कराना होगा। इसके लिए जिला पंचायतराज अधिकारी की ओर से सभी सदस्यों को नोटिस भेजकर अविश्वास प्रस्ताव बैठक की तारीख दी जाएगी। बताया जा रहा है कि यह बैठक 26 सितंबर को हो सकती है। इस बैठक में सदस्य वोटिंग करेंगे। 

सदन में 51 सदस्य हैं। जिस पक्ष को 26 से ज्यादा वोट मिलेंगे, फैसला उसी के हक में होगा। यदि बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है तो शासन को जिला पंचायत अध्यक्ष के अपदस्थ होने की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद नया अध्यक्ष चुनने के लिए फिर से एक बैठक बुलाई जाएगी। 
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