कासगंज। साइबर ठगी का शिकार हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अमांपुर के नगर संघ चालक के मामले में अभी तक अमांपुर थाना पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। साइबर ठगी के इस मामले से नगर संघ चालक व व्यापारियों में दहशत है। वह लगातार जिला पुलिस से मामले के खुलासे की और हड़पी गई रकम की बरामदगी की मांग कर रहे हैं।2 फरवरी को अमांपुर के आरएसएस के नगर संघ चालक राकेश पाराशर को साइबर ठगों ने उनके बेटे विशाल को अपने कब्जे में बताकर उनके बेटे की रोने की आवाज व्हाट्सएप कॉल के जरिए सुनाई। इसमें बेटा कह रहा था कि पापा मुझे बचा लो। यह सब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से साइबर ठगों के द्वारा किया गया। उन्होंने घबराकर 6 बार में 18 लाख रुपये साइबर ठगों के द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि उनका बेटा विशाल सुरक्षित था। वह नोएडा में रहकर पढ़ाई कर रहा है। यह जानकारी जब नगर संघ चालक को मिली तो वह अवाक रह गए और उन्होंने घटना की जानकारी तमाम अन्य लोगों को दी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ वे एसपी से भी मिले। एसपी के निर्देश पर थाना अमांपुर में एफआईआर दर्ज कर ली गई, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई सुराग पुलिस साइबर ठगों के बारे में नहीं जुटा पाई है। जबकि नगर संघ चालक राकेश पाराशर व व्यापार मंडल के लोग लगातार साइबर ठगी के इस मामले के राजफाश और ठगे गए धन की बरामदगी की मांग कर रहे हैं।