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बिना सेवा ‘मेवा’ खाने की तैयारी

Sun, 14 Feb 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रदेश के 75 जिलों में पीपीपी माडल के तहत वृद्धाश्रम खोलने की योजना तैयार की गई थी। इस योजना के पहले चरण मेें 24 जिलों में ऐसी स्वैच्छिक संस्थाओं का चयन किया गया जो वृद्धजनों की सेवा में लगी हैं। आगरा में दीपजन कल्याण समिति बरेली का चयन हुआ है। समिति का दाव है कि आगरा-दिल्ली हाईवे पर कीठम झील के निकट उनका आश्रम संचालित है, लेकिन आश्रम की हालात बता रही है कि वहां बिना सेवा के ही मेवा खाने की तैयारी है। मसलन, मई 2015 से संचालित आश्रम में अभी तक एक भी वृद्ध नहीं है।
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दीपजन कल्याण समिति बरेली ने यहां सतीश कुमार परमार के भवन को किराए पर लिया है। करीब 45 कमरों के इस भवन में पहले हास्टल संचालित था। दीप कल्याण समिति का दावा है कि वृद्धाश्रम मई 2015 से संचालित है, लेकिन हैरत की बात है कि यहां प्रबंधक पंकज कुमार के अतिरिक्त कोई और नहीं है। जो वृद्ध आश्रम में आश्रय लेने जाते हैं उन्हें यह कहकर टहला दिया जाता है कि अभी सरकार से फंड नहीं मिला। लिहाजा कुछ महीनों बाद संपर्क करें। प्रबंधक पंकज कुमार का कहना है कि सरकार की ओर भवन का मासिक किराया करीब 75 हजार फिक्स कर दिया गया है। कुछ दिनों में ग्रांट भी आने वाली है। तभी आश्रम का संचालन शुरू हो पाएगा। बताया जाता कि पीपीपी माडल पर संचालित आश्रमों को समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ की वार्षिक ग्रांट के रूप में लाखों रुपये देने का प्रस्ताव है। चित्रकूट में चयनित संस्था को करीब 19 लाख रुपये की ग्रांट दी गई है।   

चयन के मानकों की भी अनदेखी
समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ के मुताबिक, चयनित संस्था को सात मानकों पर खरा उतरना चाहिए। मुख्य रूप से रेग्यूलेटरी बाडी कम से कम तीन वर्ष पूर्व से पंजीकृत हो और कार्य कर रही हो। वार्षिक टर्न ओवर करीब एक करोड़ रुपये हो। वृद्धाश्रम संचालन के लिए कम से कम छह माह के लिए संसाधन उपलब्ध हों। संस्था को कम से कम तीन वर्ष तक आवासीय कार्यक्रम संचालन का अनुभव (विशेष रूप से वृद्धों के लिए कार्यक्रम) हो। 150 वृद्धजनों के लिए पर्याप्त आवास और अन्य सुविधाओं युक्त भवन (अंत:वासी के लिए कम से कम 55 वर्गफुट लिविंग स्पेस) हो।
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नहीं मानी रामलाल वृद्धाश्रम की सिफारिश
आगरा। नवंबर 2015 में सिकंदरा में संचालित रामलाल वृद्धाश्रम की ओर से भी प्रस्ताव भेजा गया था। रामलाल वृद्धाश्रम मानकों को पूरा करता है। यहां वर्तमान में भी 155 वृद्धजन 75 गाय हैं,, लेकिन निदेशालय ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिाय है। खास बात यह है कि रामलाल वृद्धाश्रम के पक्ष में सीडीओ, एडीएम वित्त, एसडीएम सदर से लेकर कमिश्नरी तक से सिफारिश की गई है। रामलाल वृद्ध आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा का कहना है कि समाज कल्याण विभाग के अधिकारी गुमराह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि दीपजन कल्याण समिति को वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए ग्रांट भी जारी कर दी गई है।

आश्रम के खिलाफ शिकायत
आगरा। दीपजन कल्याण समिति के आश्रम के संबंध में ईदगाह निवासी महेंद्र कुमार शर्मा ने सीओ हरीपर्वत से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की है। उनका कहना है कि वे 10 फरवरी 2016 को आश्रम में रहने गए तो पता लगा कि आश्रम में कोई व्यवस्था नहीं है। न ही वहां कोई वृद्ध रहता है।

चित्रकूट में चयनित संस्था को यह मिली आर्थिक मदद
मद    राशि
जनरेटर, विद्युत उपकरणों के लिए    3,47000
विस्तर, चादर, तकिया, कंबल आदि    7,62000
तख्त, मेज, कुर्सी, बक्सा आदि    5,15000
टेलीफोन कनेक्शन, कैमरा आदि    1,00000
टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन आदि    1,05000
दो माह का भवन का किराया    30,000

‘आगरा में दीपजन कल्याण समिति को बरेली के प्रस्ताव पर निदेशालय ने स्वीकृति दी है। अभी इस संस्था को कोई फंड रिलीज नहीं किया गया है। रामलाल वृद्धाश्रम का प्रस्ताव काफी देरी से आया था। व्यवस्थाओं को देखते हुए अब विभाग की ओर से दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है।’
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एसएस यादव, समाज कल्याण अधिकारी
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