आगरा में फर्जी बैनामा कांड में निबंधन कर्मियों पर आला अफसर मेहरबान हैं। उप निबंधक, लिपिक और आउटसोर्स कर्मियों की संलिप्तता जाहिर होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। सहायक महानिरीक्षक के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए फाइल शासन में लंबित है।
सदर तहसील में निबंधन भवन है। जहां पांच उप निबंधक कार्यालय और केंद्रीय अभिलेखागार है। अभिलेखागार में फर्जी बैनामा गैंग ने सेंध लगाई। फरवरी में मामला उजागर होने के बाद जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। चार महीने बाद भी एसआईटी की जांच बेनतीजा है।