30एमएनपी-33-भोगांव पुलिस की हिरासत में हत्यारोपी
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भोगांव। गांव गैंती निवासी सेवकराम की हत्या पुरानी रंजिश के चलते नहीं हुई थी। हत्या की साजिश जेल में निरुद्ध भाई ने चचेरे भाई के साथ मिलकर रची थी। आरोपी विपक्षी को हत्या के मामले में फंसाकर समझौते का दबाव बनाना चाहते थे। पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई अजय को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
पत्रकार वार्ता में सीओ भोगांव अमर बहादुर ने बताया कि वर्ष 2020 में गांव निवासी सिपाही राधाकृष्ण यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में कश्मीर सिंह यादव सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। हत्या के बाद से सभी आरोपी जेल में निरुद्ध हैं। इस दौरान वादी पक्ष पर लगातार समझौता का दबाव बनाया जा रहा था लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही थी।
प्रभारी निरीक्षक विजय गौतम ने बताया कि जेल में निरुद्ध कश्मीर सिंह ने कुछ दिनों पूर्व अपने चचेरे भाई अजय यादव के साथ मिलकर भाई सेवकराम की हत्या करने की योजना बनाई। योजना के तहत 17 मार्च को सेवकराम भाई से मिलने दीवानी आया तो अजय उसे अपने साथ ले गया और रात के समय रुई के पास ऊसर में गोली मारकर हत्या कर घर चला गया। सीओ ने बताया कि जेल से हत्या की साजिश रचने वाले कश्मीर सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
बता दें कि विगत 19 मार्च को गांव रुई के पास ऊसर में गांव गैंती निवासी सेवकराम (69) का शव पड़ा मिला था। उनके सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी। हत्या के मामले में सेवकराम के भाई की बहू विनीता ने गांव के विपक्षी गौरव, सौरभ, महाराम सिंह, रामदास , विकास उर्फ संटू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
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सीसीटीवी फुटेज बनी मददगार
सीओ ने बताया कि मामले की गहराई से जांच करने पर नामजदगी झूठी लग रही थी। इस पर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी में 17 मार्च से 19 मार्च के बीच के फुटेज देखे। इस फुटेज की मदद से पुलिस आरोपी अजय तक पहुंची। सख्ती से पूछताछ में अजय ने हत्या करने का जुर्म कबूल किया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। अजय का बेटा भी राधाकृष्ण हत्याकांड में जेल में निरुद्ध है।