मथुरा रिफाइनरी के बाद पुलिस ने अब शेरगढ़ कस्बे में दो साल से रह रहे 9 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। कस्बे में गनी ठेकेदार के अहाते में रह रहे इन बांग्लादेशियों में पांच पुरुष और चार महिलाएं हैं।
इनको शरण देने वाला व्यक्ति फरार हो गया है। पकड़े गए बांग्लादेशियों के पास से चार आधार कार्ड और छह मोबाइल मिले हैं। इन पर 14 विदेशी अधिनियम 1946 और फजीवाड़े में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीओ छाता जगदीश कालीरमण ने बताया कि 9 बांग्लादेशियों को पकड़कर जेल भेजा गया है। इनके साथ दो बच्चे भी मिले हैं। सीओ ने बताया कि मौ. अल्लाउद्दीन, मौ. निसार मिस्त्री, इशरफिल शेख, मोहम्मद शहिद, मोहम्मद बिलाल, परवीन, अमीना, अनुआरा, मुरजीना को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद अलाउद्दीन, मोहम्मद शाहिद, परवीन और मुरजीना पर आधार कार्ड मिले हैं। यह आधार कार्ड कहां से बनवाए इसकी जांच की जा रही है। पकड़े गए बांग्लादेशी खुलना और छतीकरा जिले के हैं। सीओ ने बताया कि फरार शरणदाता गनी ठेकेदार को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
बता दें कि पुलिस ने 14 जनवरी को रिफाइनरी क्षेत्र के टाउनशिप चौराहे से आठ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें तीन युवतियां भी हैं। यह सभी झोपड़ी डालकर रह रहे थे। कूड़ा बीनने का काम करते थे।