चांदनी रात में यमुना किनारे से नजर आता ताज।
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संगमरमरी शाहकार ताजमहल, शरद पूर्णिमा के चांद की रोशनी जब इस पर पड़ेगी तो सैलानी वाह कर उठेंगे। ताज पर लगे कीमती नगीने दमकेंगे तो सैलानी ये चमकी, वो चमकी कहते नजर आएंगे। शरद पूर्णिमा पर ताजमहल पर रविवार रात सभी आठ स्लॉट में 50-50 की संख्या में 400 सैलानी पहुंचेंगे जो आधे घंटे के तय समय में चांदनी में नहाए ताज को निहारेंगे।
पांच दिन पहले ही जब इसकी बुकिंग शुरू की गई तो सभी स्लॉट ऑनलाइन बुक हो गए। शनिवार को भी आठों स्लॉट में 400 पर्यटकों ने रात 12:30 बजे तक शीतल चांदनी में दमकते ताज का दीदार किया। ताजमहल का रात्रि दर्शन इस बार चार दिनों का है। पूर्व में एएसआई के कैलेंडर के मुताबिक शरद पूर्णिमा 26 अक्तूबर की थी, लेकिन बाद में संशोधन करके 25 अक्तूबर की तारीख तय की गई। उसी के मुताबिक चार दिन की बुकिंग ऑनलाइन शुरू की गई।
शनिवार से मंगलवार के बीच चार दिनों तक यह चलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक शरद पूर्णिमा से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक रात्रि दर्शन किया जा सकता है। इसमें रात 8:30 बजे से 12:30 बजे तक 30-30 मिनट के स्लॉट रखे गए हैं। चारों दिन के लिए सभी स्लॉट पूरी तरह से बुक हैं। टिकट पाने से वंचित पर्यटक महताब बाग की ओर से एडीए के ताज व्यू गार्डन से दीदार करने पहुंचेंगे। टूरिज्म गिल्ड के पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि ताजमहल के पास के होटलों ने अपनी छत से नाइट व्यू दिखाने की तैयारी की है। सैलानियों में शरद पूर्णिमा का ताज देखने का क्रेज है।