मैनपुरी। बिजली चोरी रोकने के लिए बुधवार रात को विद्युत निगम और विजिलेंस दल ने संयुक्त रूप से बेवर में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 35 घरों में बिजली चोरी पकड़ी। सभी के विरुद्ध बिजली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
कस्बा बेवर में विजिलेंस समेत चार टीमों ने एसडीओ सुरेंद्र सिंह और विजिलेंस दल प्रभारी अजीत सिंह के नेतृत्व में चेकिंग की। उन्होंने मोहल्ला कुचलिया, इटावा रोड, मरकिचिया, ब्रह्मनान पूर्वी, ब्रह्मनान पश्चिमी, जीटी रोड, काजीटोला आदि में चेकिंग अभियान चलाया। 35 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई। अभियान में जेई रजनीकांत राय, विजिलेंस टीम पुलिस प्रभारी निरीक्षक सुमन, अवर अभियंता गढ़िया ताराचंद, अवर अभियंता जोत राकेश कुमार व पुलिस बल शामिल रहा।
बिजली चेकिंग करने गई टीम को दौड़ाया
मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव आलीपुर खेड़ा में बिजली चेकिंग करने गई टीम को युवक ने दौड़ा लिया। सरकारी अभिलेख फाड़ने के साथ ही गाली-गलौज की। टीम ने किसी तरह भागकर जान बचाई। थाना भोगांव में तहरीर दी गई है।
बुधवार को विद्युत निगम की टीम आलीपुर खेड़ा में बकाएदारों से वसूली के लिए गई थी। टीम में टीजी-2 अभिषेक सिंह के साथ संविदा लाइनमैन गिरंद सिंह, सर्वेश, बृजकिशोर, अनुराग उमेश और अतुल शामिल रहे। टीम बबली पत्नी नाहर सिंह के मकान पर पहुंची और बिल जमा करने के लिए कहा। इस पर बबली और नाहर सिंह भड़क गए। खुद ही मीटर तोड़ दिया और टीम के साथ गाली-गलौज व अभद्रता शुरू कर दी। संविदा लाइनमैन गिरंद सिंह की ओर से थाना भोगांव में नाहर सिंह के विरुद्ध तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिजली चोर सहित दो जमानतगीरों के वारंट
मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र में 16 साल पहले बिजली चोरी करने वाले सहित उसकी जमानत लेने वाले दो जमानतगीरों के वारंट जारी किए गए हैं। मुकदमे की सुनवाई के लिए स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने 29 जुलाई की तारीख तय कर दी है।
जेई धीरेंद्र प्रताप ने रामनरेश निवासी देवी रोड निकट बालाजी मंदिर के खिलाफ 24 जून 2006 को बिजली चोरी की रिपोर्ट थाना करहल में लिखाई थी। कुर्की वारंट जारी होने के बाद रामनरेश ने 24 अक्तूबर 2016 को न्यायालय में हाजिर होकर जमानत करा ली। उसकी जमानत सुभाष निवासी देवकली ओन्हा थाना कुर्रा तथा फूलसिंह निवासी नगला सेवा जगन्नाथपुर ने ली।
जमानत के बाद रामनरेश अदालत में हाजिर नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को विद्युत निगम के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने कोर्ट में बताया कि छह साल से रामनरेश के न्यायालय में हाजिर नहीं होने से मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।