नाइजीरियन हैकर्स ने आगरा की एक महिला वैज्ञानिक की ईमेल आईडी हैक कर ली। इसके बाद दोस्तों को ईमेल करके मदद मांगी। एक दोस्त ने एक खाते में एक लाख रुपये जमा कर दिए।
महिला वैज्ञानिक से फोन पर बात हुई तो घटना का पता चला। मामले में साइबर क्राइम सेल को जांच सौंपी गई है। ताजगंज की रहने वाली महिला वैज्ञानिक जालमा इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं।
महिला की ईमेल आईडी को 25 अप्रैल को हैक किया गया था। नाइजीरियन हैकर्स ने उनके ईमेल की फ्रेंड लिस्ट से दोस्तों की आईडी पता कीं। इसके बाद उनको मेल कर मदद मांगी।
'प्लीज हेल्प मी...'
इसमें लिखा कि उनकी तबीयत खराब है। रुपयों की आवश्यकता है। प्लीज हेल्प मी। एक बैंक का खाता नंबर भी लिखा गया था। महिला वैज्ञानिक के एक दोस्त ने एक लाख रुपये खाते में जमा कर दिए।
कुछ दिन बाद दोस्त ने उन्हें फोन किया। रुपये खाते में पहुंचने के बारे में पूछा। महिला वैज्ञानिक ने कहा कि उन्होंने न तो रुपये मांगे और न ही कोई ईमेल किया था। यह सुनकर उनके दोस्त के होश उड़ गए।
महिला वैज्ञानिक ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की। जांच में पता चला कि बैंक खाता नाईजीरिया की बैंक का है। पुलिस ने बैंक से संपर्क किया। इस पर पता चला कि खाता पहले से ही सीज किया जा चुका है।
नहीं निकाली गई खाते से रकम
उक्त बैंक खात से रकम नहीं निकाली गई है। इस पर पुलिस ने रकम होल्ड करा दी। अब रकम वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मदद के नाम पर इस तरह रकम खातों में जमा कराने के मामले कई बार सामने आ चुके हैं।
न्यू आगरा की युवती की फेसबुक आईडी हैक करके रकम जमा करने के लिए कहा गया था। कई लोगों ने रकम जमा कर दी थी। युवती की शिकायत पर साइबर क्राइम सेल ने एकाउंट बंद कर दिया था।