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आगराः यमुना डूब क्षेत्र में गरजा महाबली, अवैध निर्माण पर अब इनकी बारी

Sat, 07 Dec 2019 12:29 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डूब क्षेत्र में अवैध निर्माध ध्वस्त करता महाबली - फोटो : अमर उजाला
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यमुना नदी के डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर तीन महीने के बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की।
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एडीए के अधिकारी डूब क्षेत्र में बुलडोजर लेकर पहुंचे, लेकिन अवैध निर्माणों की केवल बाउंड्री ध्वस्त करके चले आए। एडीए के अधिकारियों ने दावा किया कि नमामि गंगे की रिपोर्ट के मुताबिक ही डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण को तोड़ा गया है।

नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (नमामि गंगे) की रिपोर्ट के मुताबिक पुष्पांजलि हाइट्स, मंगलम एस्टेट एक्सटेंशन और कल्याणी हाइट्स में गुरुवार दोपहर बाद एडीए ने अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई शुरू की।
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एडीए संयुक्त सचिव सोम कमल सीताराम के नेतृत्व में सहायक अभियंता अनुराग चौधरी और इंजीनियर सतेंद्र सोलंकी, राजकपूर सचल दस्ते के साथ पहुंचे, जहां तीनों निर्माण की नापजोख के बाद बाउंड्री ढहा दी गई। एडीए की इस कार्रवाई के बाद डूब क्षेत्र के अन्य अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है, हालांकि एडीए की कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं।

चार सितंबर का आदेश, तोड़ा तीन महीने बाद
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में सुप्रीम कोर्ट मानीटरिंग कमेटी के सदस्य रहे स्व. डीके जोशी की याचिका 145/2015, जिसमें बाद में उमाशंकर पटवा ने पैरवी की, उस पर एनजीटी ने चार सितंबर को ही डूब क्षेत्र के अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दे दिए थे।

लेकिन, एडीए इन तीनों इमारतों के परिसरों की दीवारें तीन महीने बाद तोड़ पाया। सात नवंबर को एडीए ने ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी कर दिया, लेकिन तोड़ने के लिए जयपुर हाउस कार्यालय से दयालबाग तक बुलडोजर पहुंचने में एक महीने का समय लग गया। 

 
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हमने चिह्नित हिस्से से अवैध निर्माण तोड़ा
यमुना नदी के डूब क्षेत्र के बारे में नमामि गंगे की रिपोर्ट में जो क्षेत्र दिखाया गया है, हमने पुष्पांजलि हाइ्टस, मंगलम एस्टेट एक्स. और कल्याणी हाइट्स में उसी प्रभावित हिस्से पर किए गए अवैध निर्माण को तोड़ा है। तोड़ने से पहले इनके निदेशकों को सुनवाई का पूरा मौका दिया गया था। -सोम कमल सीताराम, संयुक्त सचिव, एडीए
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