मासूम के रोने की आवाज सुनकर राहगीर दंपती के कदम ठहर गए। वह खेत की ओर पहुंचे तो खून से लथपथ नवजात मिली। सूचना पर पुलिस माैके पर पहुंच गई। बच्ची को राजकीय बाल गृह भेजा गया।
आगरा के थाना बरहन क्षेत्र के गांव नगला स्वरूप में बृहस्पतिवार को मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। एक सरकारी नलकूप के पास खेत में नवजात बालिका खून से लथपथ लावारिस हालत में मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन ने तत्परता दिखाते हुए मासूम को रेस्क्यू किया। वर्तमान में बच्ची को राजकीय बाल गृह (शिशु) में संरक्षण दिया गया।
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ठहर गए दंपती के कदम
नगला स्वरूप स्थित सरकारी नलकूप के पास एक खेत में नवजात के रोने की आवाज सुनकर एक राहगीर दंपती ठिठक गया। पास जाकर देखा तो मासूम खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। शोर मचाने पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक राजकुमार सिंह और महिला आरक्षी प्रियांशी मौके पर पहुंचे और बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। पुलिस ने तुरंत इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रभारी बृजेश कुमार गौतम को दी। हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पुलिस के सहयोग से मासूम को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
बाल कल्याण समिति ने भेजा शिशु गृह
चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी ने नवजात को बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। बच्ची का कोई भी परिजन सामने न आने और उसे तुरंत उपचार व सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए समिति ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत बड़ा निर्णय लिया। समिति ने बालिका को आगामी आदेश तक अस्थाई रूप से राजकीय बाल गृह (शिशु), आगरा में रखने का आदेश दिया है। मासूम को उचित पोषण और इलाज मिल सके, इसके लिए बाल गृह प्रशासन को निर्देशित किया गया है।