फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज के सौ शैया अस्पताल में नवजात ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया। बीमार नवजात को पिता सही समय पर अस्पताल तो लेकर पहुंच गया, लेकिन कर्मचारी द्वारा अस्पताल में सफाई होने की बात कहकर गेट पर ही रोक दिया गया।
फिरोजाबाद में समय से उपचार न मिल पाने से नवजात ने पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया। वाकया शनिवार रात मेडिकल कॉलेज के सौ शैया अस्पताल का है। यहां बच्चे के पिता को पहले चौकीदार ने चिकित्सक न होने की बात कही। एक घंटे बाद वे दोबारा पहुंचने पर तो सफाई की बात कहकर रोक दिया, जब चिकित्सक मिले तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इससे गुस्साए तीमारदारों के हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझाकर घर भेज दिया।
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थाना दक्षिण के हिमायूंपुर घनश्याम वाली गली निवासी राकेश कुमार की पत्नी किरन ने आठ जून को निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। राकेश के अनुसार, शनिवार रात करीब नौ बजे नवजात बेटे की तबीयत बिगड़ी तो वे उपचार कराने सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां से उसे सौ शैया अस्पताल में बच्चों की ओपीडी में भेज दिया गया। गेट पर चौकीदार ने चिकित्सक के न होने की बात कहकर लौटा दिया। तब उसने निजी चिकित्सकों को दिखाने की कोशिश की।
15 मिनट पहले आते तो बच जाती जान
बात नहीं बनी तो वह दोबारा रात दस बजे अस्पताल पहुंचा। यहां चौकीदार ने सफाई की बात कहकर रोक दिया। जब उसने बेटे को डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने मृत घोषित कर कहा,15 मिनट पहले आते तो जान बच जाती।
चौकीदार पर हुई कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य संगीता अनेजा ने बताया कि बच्चे की मौत हो जाने का मामला मेरे संज्ञान में आया था। चौकीदार को रात में ही हटा दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है कि तीमारदारों को कितनी देर तक गेट पर रोका गया। ऐसी घटना दोबारा न हो इसके निर्देश स्टाफ को दिए गए हैं।