हास्पिटल में मौजूद पुलिस।
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हंगामा की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। हालांकि परिजनों की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर नहीं दी गई। न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने गांव ले जाकर शव को दफना दिया।
प्रसूता की बिगड़ी हालत
बच्चे की मौत की खबर ने अर्चना को झकझोर दिया। अर्चना ने भी निजी नर्सिंग होम के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इसी बीच उसकी हालत बिगड़
गई। परिजन निजी नर्सिंग होम ने महिला को जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां करीब एक घंटा तक चले उपचार के बाद अर्चना को सैफई रेफर कर दिया गया।
- महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। सुबह जब परिजनों से अस्पताल का बिल भुगतान करने के लिए कहा गया तो वह दबाव बनाने के लिए हंगामा करने लगे। बच्चा जमीन पर गिरने की बात गलत है।
डॉक्टर अंकिता सिंह, दीप हॉस्पीटल
- नर्सिंग होम में हंगामा होने की सूचना पर पुलिस गई थी। परिजनों ने आरोप तो लगाए, लेकिन पुलिस को तहरीर नहीं दी। न ही शव का पोस्टमार्टम कराया है। अगर तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
जसवीर सिंह सिरोही, कोतवाल