लोकायुक्त ने मामले की जांच के लिए मंडलायुक्त अमित गुप्ता और अपर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण को जांच अधिकारी के तौर पर नामित किया था। जिसकी जांच हुई और जांच के दौरान हीरालाल की ओर से पूर्व उपाध्यक्ष पर लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र पेंसिया के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच को खत्म कर दिया गया है। खंदारी निवासी हीरालाल अग्रवाल ने लोकायुक्त से राजेंद्र पेंसिया के खिलाफ शिकायत की थी। लोकायुक्त ने जांच के लिए कमेटी गठित की थी, जिसमें दो जांच अधिकारी नामित किए थे।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पूर्व उपाध्यक्ष ने नीलामी व आवंटन के दौरान कई संपत्तियां वेबसाइट से गायब कर दीं। वहीं पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र पेंसिया ने शिकायकर्ता के खिलाफ शासन में प्रत्यावेदन दिया था। इसमें शिकायतकर्ता पर अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का पुराना आपराधिक इतिहास बताया था। इस पर पूर्व उपाध्यक्ष से पहले हीरालाल का आपराधिक इतिहास खंगाला गया था।
लोकायुक्त ने मामले की जांच के लिए मंडलायुक्त अमित गुप्ता और अपर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण को जांच अधिकारी के तौर पर नामित किया था। जिसकी जांच हुई और जांच के दौरान हीरालाल की ओर से पूर्व उपाध्यक्ष पर लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए। जिसके चलते दिसंबर 2022 में यह प्रकरण समाप्त हो गया।