मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने आगरा से मथुरा तक रेल संरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और नई ड्यूमैटिक ट्रैक मशीन का परीक्षण किया। मशीन की मदद से ट्रैक को तेजी और सटीकता से उठाने, समतल करने और सीधा करने के साथ खामियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
आगरा से मथुरा तक रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में रेलवे ने नई पहल की है। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने मंगलवार को आगरा कैंट से बाद डिपो और नई ड्यूमैटिक मशीन का निरीक्षण कर ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था परखी। नई मशीन से ट्रैक का रखरखाव अधिक तेजी और बेहतर गुणवत्ता के साथ होगा।
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ट्रैक की खामियों को समय रहते दुरुस्त करने, दुर्घटना का जोखिम घटाने और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम सफर देने में मदद मिलेगी। आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मथुरा जंक्शन स्टेशन पर कोयला बहुउद्देशीय माल डिब्बा और ड्यूमैटिक मशीन के संबंध में प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की गई। इसके बाद सीसीआरएस ने बाद डिपो का निरीक्षण किया। यहां कोयला बहुउद्देशीय माल डिब्बे का निरीक्षण कर उसकी कार्यप्रणाली और संरक्षा संबंधी पहलुओं का जायजा लिया।
इसके बाद प्लासर इंडिया की ड्यूमैटिक 08-32 सी मशीन का निरीक्षण किया गया। यह उच्च क्षमता वाली ट्रैक दबाने की मशीन है, जिसका उपयोग रेलवे ट्रैक को उठाने, समतल करने, सीध में लाने और दबाने के लिए किया जाता है। इसमें दो स्लीपरों पर एक साथ दबाव डालने की तकनीक और ट्रैक को एकीकृत रूप से ठीक करने की सुविधा है। इससे रखरखाव का काम तेज, सटीक और प्रभावी होगा।
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जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मशीन में उन्नत डिजिटल प्रणाली, वास्तविक समय निगरानी, दूरस्थ मशीन निगरानी और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं हैं। यह करीब एक घंटे में 1500 या उससे अधिक स्लीपरों पर काम कर सकती है। इससे कम समय में अधिक ट्रैक का रखरखाव संभव होगा और रेल पटरियों की स्थिति बेहतर बनी रहेगी। नियमित और सटीक रखरखाव से ट्रैक में होने वाली गड़बड़ियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और रेल संचालन की विश्वसनीयता बढ़ेगी। निरीक्षण के दौरान डीआरएम गगन गोयल सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।