आगरा में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बुधवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार करना पहली प्राथमिकता है। इसके साथ ही महिला अपराध में प्रभावी कार्रवाई करेंगे। कमिश्नरेट में थाने-चाैकियों के भवन में बदलाव किया जा रहा है। सभी थानों के भवन को नया रूप दिया जाएगा।
दीपक कुमार वर्ष 2005 बैच के आईपीएस हैं। वह आगरा रेंज का पद संभाल रहे थे। मंगलवार को शासन ने पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गाैड का तबादला गाजियाबाद कर दिया। उनके स्थान पर दीपक कुमार को पुलिस आयुक्त बनाया गया है। उन्होंने बुधवार को पुलिस लाइन स्थित कमिश्नरेट कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक की। जे रविन्दर गाैड उनके बैचमेट हैं। उनका कार्यकाल 15 महीने का रहा।
उन्होंने कहा कि पहले से ही थाने और चाैकियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर में बदलाव किया जा रहा है। इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। शहर में जाम की समस्या है। एमजी रोड से लेकर अन्य मार्ग पर मेट्रो का कार्य चल रहा है। निर्बाध रूप से यातायात चल सके, उसके लिए यातायात पुलिस को निर्देशित किया जाएगा।
पुलिसकर्मी थानों में आने वाले हर पीड़ित की सुनवाई करें, इसके लिए माॅनिटरिंग की जाएगी। पुलिसिंग बढ़ाई जाएगी। महिला अपराध में त्वरित कार्रवाई के लिए महिला हेल्प डेस्क और महिला थानों को प्रभावी किया जाएगा। लापरवाह पुलिसकर्मी दंडित होंगे। रात्रि गश्त बढ़ाई जाएगी।
जे रविन्दर गाैड ने शिष्टाचार संवाद नीति से लेकर हाईटेक पुलिसिंग पर दिया जोर
आईपीएस जे रविन्दर गाैड का कार्यकाल 15 महीने का रहा। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए शिष्टाचार नीति लागू की तो हाईटेक पुलिसिंग पर भी जोर दिया। महिला अपराध में प्रभावी कार्रवाई कराई। अपराधियों को जेल भेजने से लेकर प्रभावी पैरवी कर सजा तक दिलाई। थाने और चाैकियों का स्वरूप बदला।
उन्होंने 11 जनवरी 2024 को पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने अपने कार्यकाल में थाना स्तर पर बीट व्यवस्था लागू की। इसमें महिला पुलिस कर्मियों को भी कार्य दिया। इसकी मानीटरिंग एसीपी स्तर से की जाने लगी। इसके अलावा उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को ग्रिड में बांटा। हर ग्रिड में एक टीआई की तैनाती की। उन्होंने तकनीक पर भी जोर दिया। थाने और बाजारों में लगे कैमरों को आनलाइन जोड़ा गया।
पश्चिमी जोन में आनलाइन जनसुनवाई शुरू की। थानों की मानीटरिंग, बैरियर चेकिंग एप आदि की शुरूआत कराई। परिवार परामर्श केंद्र में काउसिलिंग के स्तर को सुधारने की कवायद की। पुलिस लाइन में एसी हाल में चैंबर बनाए गए। बच्चों के खेलने के लिए स्थान बनाया गया। साइबर सेल को भी नया रूप दिया गया, जिससे पीड़ितों की सुनवाई आसानी से हो सके। मित्र पुलिसिंग के लिए शिष्ठाचार का पाठ पढ़ाया। इसके अलावा बोदला जमीन प्रकरण से लेकर तहसील कांड में प्रभावी कार्रवाई कराई। बड़े हत्याकांड से लेकर लूटकांड में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।