रामबाग के एक अस्पताल में मुजफ्फरनगर के नि:संतान दंपति को दिमागी रूप से अविकसित नवजात शिशु बेच दिया गया। दंपति ने दस दिन बाद हास्पिटल में बच्चे का सौदा कराने वाले कथित डाक्टर की तलाश की तो वह लापता मिला।
घटना दस दिन पहले की है। सूत्रों ने बताया कि मुजफ्फरनगर का एक नि:संतान दंपति को बच्चा गोद लेना चाहता था। रामबाग क्षेत्र में रहने वाली एक महिला का दंपति से मेलजोल था। उसने यमुनापार बाईपास के एक अस्पताल के माध्यम से शिशु को गोद दिलाने की बात कही। दस दिन पूर्व दंपति मुजफ्फरनगर से यहां आया। उन्होंने अस्पताल में कथित डाक्टर से संपर्क किया। डाक्टर ने शाहदरा के एक गरीब परिवार की महिला से दंपति की मुलाकात कराई। महिला पांच लाख रुपये के बदले अपना चार दिन का बेटा देने को तैयार हो गई। दंपति ने 4.90 लाख रुपये का भुगतान किया और बच्चे को लेकर मुजफ्फर नगर लौट गए। वहां दंपति ने बच्चे का मेडिकल चेकअप कराया तो पता चला कि उसका दिमाग अविकसित है। दंपति रामबाग आया।
पहले अस्पताल में उक्त डाक्टर को तलाशा। उसके न मिलने पर वह शाहदरा में बच्चा बेचने वाली महिला से मिलने पहुंचे तो वह भी गायब थी। तब पुलिस से शिकायत की। जब कुछ लोगों ने दंपति को बताया कि बच्चे की खरीद-फरोख्त करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है तो वे थाने में कोई तहरीर दिए बिना ही लौट गए। इस संबंध में एसओ का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।