खाद्य या पेय पदार्थ में मिलावट करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 272, 273, 274 और 275 में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 6 महीने कारावास के साथ जुर्माने का हल्का प्रावधान था। अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह सजा अपर्याप्त मानी जाने लगी। अब नई भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने इन प्रावधानों को पूरी तरह से बदल दिया है और मिलावट के लिए काफी सख्त सजाएं शामिल की हैं।
धारा 272 – खाद्य या पेय पदार्थ में मिलावट करने पर 7 साल का कारावास, 5 लाख तक का जुर्माना।
धारा 273– मिलावटी खाद्य या पेय पदार्थ को बेचने या बेचने के लिए रखने पर भी 7 साल कारावास, 3 लाख रुपये तक का जुर्माना।
धारा 274 और 275 – ऐसे मिलावट खाद्य या पेय पदार्थ जिससे किसी व्यक्ति के जीवन को खतरा, या खाने से या पीने से मौत हो जाने पर कम से कम 7 साल जो जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक हो सकती है।