आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर के चार स्टेशन भूमिगत हैं। इनके लिए सुरंग की खुदाई चल रही है। लोगों को परेशानी से बचाने के लिए एमजी रोड पर फिलहाल यातायात में बदलाव (डायवर्जन) नहीं होगा।
आगरा मेट्रो निर्माण के लिए एमजी रोड पर फिलहाल यातायात में बदलाव (डायवर्जन) नहीं होगा। लोगों को परेशानी से बचाने के लिए ऐसा किया गया है। इसके लिए प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने आगरा कॉलेज मैदान के पास एमजी रोड पर दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है। मार्च 2025 तक भूमिगत और एलिवेटेड स्टेशन समेत पहला कॉरिडोर पूरा हो जाएगा।
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यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर के चार भूमिगत स्टेशन एमजी रोड के अंदर से गुजारे जाएंगे। इसके सिविल कार्य के लिए एमजी रोड पर डायवर्जन किया जाना था। टीम ने आगरा कॉलेज मैदान के पास दोनों ओर सड़क का बैरिकेडिंग कार्य शुरू कर दिया है। यातायात पुलिस के अलावा गार्ड भी लगाए जाएंगे। वाहनों के गुजरने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ तो भविष्य में डायवर्जन पर निर्णय लिया जा सकता है।
नीचे सुरंग, ऊपर सिविल कार्य
उप महाप्रबंधक ने बताया कि ताज पूर्वी से सिकंदरा तक पहला कॉरिडोर बनना है। इसकी दूरी 14.2 किमी है। इसमें 13 स्टेशन हैं, जिसमें से ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो का संचालन हो रहा है। इसमें एसएन कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी स्टेशन और आरबीएस स्टेशन की सुरंग बनाने के लिए टनल बोरिंग मशीन खुदाई कर रही है। ऊपर सिविल कार्य होगा।
तीन विभाग करेंगे सर्वे
मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं और दूरी 15 किमी है। इसका 1466 करोड़ रुपये में टेंडर हुआ है। निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था एल एंड टी लिमिटेड, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यातायात पुलिस की टीम जल्द सर्वे करेगी। इसमें अतिक्रमण, यमुना पर पुल, कृषि मंडी समिति के पास हाईटेंशन लाइन समेत अन्य अवरोधकों की सूची बनाकर इनका समाधान तय करेगी।