यमुना एक्सप्रेस-वे किनारे विकसित हो रहे न्यू आगरा अर्बन सेंटर में 34,250 एमएलडी जल भंडारण क्षमता का विशाल जलाशय तैयार किया जाएगा। यह परियोजना आने वाले समय में 16.5 लाख लोगों की प्यास बुझाएगी।
यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे परी चौक से कुबेरपुर तक विकसित होने जा रहे न्यू आगरा अर्बन सेंटर के लोगों की प्यास यमुना और करबन नदी के पानी से बुझेगी। दोनों नदियों के बीच 34,250 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) जल भंडारण क्षमता का विशाल जलाशय बनेगा। इससे पानी की कोई समस्या नहीं होगी।
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यमुना एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने नया आगरा बसाने का मास्टर प्लान 2041 तैयार किया है। इसके दूसरे चरण में 14,480 हेक्टेयर में न्यू आगरा अर्बन सेंटर बसाया जाएगा। शनिवार को यीडा बोर्ड की 86वीं बैठक में ड्राफ्ट पर मुहर लग गई। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आलोक कुमार ने ड्राफ्ट का परीक्षण स्कूल ऑफ प्लानिंग दिल्ली और सेंटर फॉर इनवायरॉनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईपीटी) अहमदाबाद से कराने के निर्देश दिए हैं।
न्यू आगरा की ड्राफ्ट रिपोर्ट में 15 अध्याय होंगे। इसमें करीब 16.50 लाख आबादी बसेगी। न्यू आगरा में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए यमुना और करबन नदी के बीच एक विशाल जलाशय बनाया जाएगा। अलीगढ़, हाथरस, खंदौली होते हुए करबन नदी कुबेरपुर के पास झरना नाला से यमुना में मिलती है।
एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला ने बताया कि बोर्ड बैठक में ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) पर भी चर्चा की गई। ताजमहल से 60 किमी. परिधि को पर्यावरण दृष्टि से सुप्रीम कोर्ट ने संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर रखा है। ऐसे में न्यू आगरा अर्बन सेंटर टीटीजेड में सिर्फ गैर प्रदूषणकारी गतिविधियों ही संचालित करेगा।
ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित होगी 2,325 हेक्टेयर जमीन
न्यू अर्बन सेंटर में 3,527 हेक्टेयर जमीन आवासीय भू-उपयोग, 648 हेक्टेयर व्यावसायिक और 3,025 हेक्टेयर औद्योगिक भू-उपयोग है। मिश्रित भू-उपयोग 812 हेक्टेयर होगा। पर्यटन के लिए यहां 680 हेक्टेयर और ग्रीन बेल्ट के लिए 2,325 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन के लिए 2,189 हेक्टेयर, लॉजिस्टिक पार्क के लिए 158 हेक्टेयर भूमि होगी। 78.02 हेक्टेयर में वाटर बॉडी का प्रावधान है।