फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेत्रपाल हत्याकांड : प्रधानाध्यापक सहित तीन को आजीवन कारावास

Tue, 27 May 2025 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। करहल के मोहल्ला भटेला में 18 साल साल पहले हुए नेत्रपाल हत्याकांड में मंगलवार को एडीजे-5 स्वप्नदीप सिंघल की कोर्ट से फैसला सुनाया गया। मुकदमे में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। वहीं, एक आरोपी की पूर्व में ही ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। घटना 12 जून 2007 की है। करहल के मोहल्ला भटेला के प्रयाग सिंह ने करहल थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि पड़ोस में रहने वाले नीरज कुमार चौबे, उसका भाई प्रदीप कुमार चौबे, जो कि करहल के एक एडेड इंटर कॉलेज में प्रधानाध्यापक हैं, और इनके पिता जगदीश नारायण चौबे रंजिश मानते थे। मकान को छोड़कर जाने का दबाव बना रहे थे। 12 जून को घर में यह तीनों आए। इनके साथ छोटेलाल कुलश्रेष्ठ निवासी मोहल्ला भटेला, करहल भी आया। प्रदीप चौबे ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से बेटे नेत्रपाल को खाना खाते समय गोलियां मारीं। बचाव में परिवार की महिलाएं आईं तो उनको धमकाते हुए चले गए। नेत्रपाल की आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए मामले की जांच की। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन की ओर से राकेश गुप्ता ने कोर्ट में साक्ष्य व गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर नीरज कुमार चौबे, उनके भाई प्रदीप कुमार चौबे और छोटेलाल को दोषी करार दिया। वहीं, जगदीश नारायण की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। दोषी प्रदीप कुमार चौबे, छोटेलाल और नीरज कुमार चौबे को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें