आगरा। अछनेरा के गांव सहाई में शुक्रवार सुबह घर के अंदर मिले साधु धर्मवीर की हत्या का पुलिस ने 15 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। साधु की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि संपत्ति के लालच में उनके सगे भतीजे ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त सिलबट्टा, ईंट, गमछा और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। न्यायालय ने तीनों को जेल भेज दिया है।
अविवाहित साधु धर्मवीर चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उन्होंने कुछ समय पहले 400 गज का एक प्लॉट बेचा था, जिससे उन्हें 12 लाख रुपये मिले थे। इसके बाद से वह साधु जीवन बिता रहे थे और पंचायत चुनाव लड़ने की चर्चा कर रहे थे। आरोपी भतीजे दुष्यंत उर्फ मलिंगा को डर था कि कहीं धर्मवीर अपनी पूरी संपत्ति और रकम खर्च न कर दें। इसी लालच में उसने हत्या की खौफनाक साजिश रची।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
शुक्रवार सुबह जब धर्मवीर पशुओं को चारा डालने नहीं पहुंचे, तो दूसरे भतीजे सौरभ ने उनके घर जाकर देखा, जहां उनका रक्तरंजित शव मिला। पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्यंत ने अपने साथी हाथरस (गढ़ी अंछा, सादाबाद) निवासी शिवा और गांव के ही यश सोलंकी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। यश ने घर पर होने की सूचना दी, जिसके बाद दुष्यंत और शिवा पीछे की दीवार फांदकर अंदर घुसे। उन्होंने बाड़े में सिलबट्टे और ईंट से साधु के सिर पर वार किए और गमछे से गला घोंटने की कोशिश करते हुए उन्हें घसीटकर कमरे में ले गए।
नकदी न मिलने पर कपड़ों पर लगे खून को छिपाने के लिए कपड़े और चप्पल उतारकर उन्हें गमछे में बांधकर गांव के बाहर झाड़ियों में छिपा दिया। ईंट एवं सिलबट्टा घर में ही छिपाकर वहां से भाग गए थे। डीसीपी पश्चिम आदित्य ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए साक्ष्य आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त हैं।