आगरा। नगर निगम आपके द्वार, इस नाम से नगर आयुक्त ने हर शुक्रवार 8 वार्डों में मोहल्ला समाधान शिविर लगाने शुरू किए। शुक्रवार को भी आठ वार्डों में यह शिविर लगाए गए लेकिन इसकी सूचना न जनता को दी गई और न ही कुछ पार्षदों को। इस वजह से 8 समाधान शिविरों में केवल 82 शिकायतें आईं, जबकि बीते सप्ताह इनकी संख्या 315 थी। यहां अफसर तो पहुंचे लेकिन फरियादी कम थे। कुर्सियां खाली रहीं। एक घंटे बाद अफसर भी चले गए। पार्षदों ने शिविर की सूचना न देने और लोगों के न पहुंचने पर नगर आयुक्त से नाराजगी जताई है।
लोगों को अपनी सीवर, सफाई, जलभराव, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत, टैक्स आदि के काम के लिए नगर निगम के चक्कर न लगाने पड़ें, इसलिए नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने मोहल्ला समाधान शिविर की पहल की है। बीते शुक्रवार से यह शुरू किया गया लेकिन इस बार इन शिविरों का प्रचार ही नहीं किया गया कि यह कहां लगाए जाएंगे। किन वार्डों में यह लगेंगे, इसका ब्योरा नहीं दिया गया।
इससे शुक्रवार सुबह जब लोग ऑफिस चले गए, तब शिविर के टेंट लगे देखकर पता चला कि यहां निगम का समाधान शिविर लगाया गया है। इसका असर यह हुआ कि आठ वार्डों में महज 82 लोग शिकायत लेकर पहुंचे। अफसर खाली बैठकर फरियादी का इंतजार करते नजर आए। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उप नगर आयुक्त डॉ. सरिता सिंह, सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम, श्रद्धा पांडेय आदि ने निरीक्षण किया लेकिन लोगों की मौजूदगी नहीं दिखी।
यहां लगाए थे समाधान शिविर
निगम ने शुक्रवार सुबह वार्ड 29 के धांधूपुरा, वार्ड 64 चावली में श्रीराम मंदिर के पास, वार्ड 50 सीता नगर में स्टेट बैंक के पास, वार्ड 53 ट्रांसयमुना में सिंधी धर्मशाला के पास, वार्ड 90 में राममोहन नगर पश्चिमपुरी पार्क के पास, वार्ड 38 में गैलाना, सिंडिकेट बैंक के पास, वार्ड 48 में घटिया आजम खां स्थित शेल्टर होम के पास और वार्ड 6 में घास की मंडी, विष्णु कॉलोनी में पार्क में शिविर लगाया था।
प्रचार कर दी जाएगी सूचना
- मोहल्ला समाधान शिविर के जरिये नगर निगम समस्याएं सुनने उनके द्वार पर जा रहा है। हर शिकायत का निस्तारण होगा। इनका अब प्रचार किया जाएगा और वार्डों में पूर्व सूचना भी दी जाएगी। - संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
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हमें भी सूचना नहीं दी गई
- मोहल्ला समाधान शिविर की हमें सूचना नहीं दी गई। जनता को पता ही नहीं चला तो शिकायत करने कौन आता। कैंप खाली पड़े रहे। एक या दो दिन पहले वार्ड में इसकी जानकारी दी जाए। किस जगह कैंप लगेगा, यह पता चले। - सुनील करमचंदानी, पार्षद
पता होता तो न होते परेशान
- सुबह ऑफिस चला गया, तब पता चला कि मोहल्ले में कैंप लगा है। जब तक लौटकर आया, तब तक कैंप खत्म हो चुका था। पहले से सूचना होती तो परेशान नहीं होना पड़ता। - राजेश कुशवाह, ग्यासपुरा
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जानकारी पहले से देनी चाहिए
- गृहकर में गड़बड़ी दूर कराने के लिए चक्कर काट रहा था। पहले से जानकारी होती तो अपने वार्ड में ही अधिकारियों से मिल लेता। ऐसे कैंप की पहले से जानकारी दी जाए। - कपिल सक्सेना, लोहामंडी
नगर निगम के मोहल्ला समाधान शिविर में खाली पड़ी कुर्सियां, जिसमें फरियादी सूचना न मिले से नहीं आए