आगरा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की चौपाल में बिजली गायब हो गई। ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायत राज और खंड विकास अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की छवि पर बट्टा लगा। फिर भी प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। टेंट संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। लेकिन, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उप मुख्यमंत्री के साथ ही केशव प्रसाद मौर्य ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, खाद्य एवं मनोरंजन विभाग की भी मंत्री भी हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत डिप्टी सीएम की फतेहाबाद के पैतीखेड़ा में शुक्रवार को जन चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल के लिए परियोजना निदेशक और खंड विकास अधिकारी ने कोई अस्थायी विद्युत कनेक्शन तक नहीं लिया। निकट स्थित एक मंदिर से कटिया डालकर डिप्टी सीएम के मंच तक बिजली पहुंचाई। यह बिजली भी डिप्टी सीएम के संबोधन से पहले ही धोखा दे गई। बिजली गुल होने के बाद जनरेटर की तरफ दौड़ लगाई। जनरेटर में भी डीजल नहीं था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जनरेटर डिप्टी सीएम के कार्यक्रम के लिए नहीं था। वह टेंट संचालक ने एक दिन पूर्व रात में कार्य के लिए लगाया था। ऐसे में खता किसी की और सजा किसी को...ये कहावत भी चरितार्थ हो रही है।
इसे डिप्टी सीएम की सुरक्षा में भी बड़ी चूक माना जा रहा है। जब भी सीएम या डिप्टी सीएम का कार्यक्रम होता था, विद्युत व्यवस्था को विद्युत अधिकारियों द्वारा परखा जाता है। मंच व्यवस्था पीडब्ल्यूडी परखता है। लेकिन, यहां शुक्रवार को आयोजित डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में विद्युत व्यवस्था मामले में परियोजना निदेशक रेनू कुमारी और खंड विकास अधिकारी रजत कुशवाह की लापरवाही भी सामने आई है। हालांकि, इस मामले में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी के निर्देश पर ठेकेदार फर्म नेतराम टेंट हाउस, छीपीटोला के शिविर जैन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीएम का कहना है कि ग्राम्य विकास अधिकारियों की लापरवाही की जांच कराई जा रही है। जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखेंगे।