- दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 239 पर मकान संख्या 11/133 में 158 मतदाता हैं। क्रमांक संख्या 216 से 373 तक सभी मतदाता का मकान नंबर एक है।
केस- 2
- दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 302 पर मकान संख्या 5/6 में 75 मतदाता हैं। जिनके नाम क्रमांक 1016 से 1090 तक दर्ज हैं। सभी का मकान नंबर एक है।
केस-3
- बूथ संख्या 288 पर मकान नंबर 16/113 एबी में 76 मतदाता हैं। जिनके नाम क्रमांक 714 से 789 तक दर्ज हैं। यह बूथ भी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं।
आगरा। एक घर में कितने मतदाता हो सकते हैं... चार, छह, आठ या दस लेकिन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक बूथ ऐसे हैं, जहां एक घर में 50 से 158 तक मतदाता हैं। यह हकीकत 4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रकाशित अनंतिम मतदाता सूची देखने के बाद सामने आई है।
जिले में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की सबसे ज्यादा लापरवाही सामने आई है। एसआईआर से पहले यहां कुल 3,70,099 मतदाता थे। एसआईआर के बाद 1,18,460 मतदाताओं के नाम कट गए। वजह बीएलओ ने आयोग को भेजी रिपोर्ट कहा कि 17,640 मतदाताओं की मृत्यु हो गई। 37,094 मतदाता अनुपस्थित हैं। 48,973 स्थानांतरित हो गए और बाकी फर्जी मिले। इनके अलावा 1,23,806 मतदाता ऐसे हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी। इस तरह 2,42,266 मतदाताओं के अस्तित्व पर संकट है।
वहीं दूसरी तरफ एक-एक घर में 50 से 150 मतदाताओं के नाम दर्ज होने से सत्यापन पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है। इस फर्जीवाड़े पर दलित चेतना मंच ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता को शिकायत भेजी है। जिसमें बीएलओ से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया है।
पूर्व पार्षद प्रशांत वाल्मीकि ने बताया कि सिर्फ दक्षिण ही नहीं अन्य विधानसभा क्षेत्र में भी इस तरह की गड़बड़ियां की गई होंगी। उन क्षेत्रों की सूची की गहराई से जांच करने पर फर्जीवाड़ा खुल जाएगा। इसके अलावा अन्य गड़बड़ियां भी पकड़ में आई हैं। जैसे किसी बूथ पर जितने वोट पिछले चुनाव में पड़े, उससे अधिक वहां अनुपस्थित, मृतक, डुप्लीकेट मतदाता दर्शाए गए हैं, जबकि यह तकनीकी रूप से संभव नहीं।
प्रशासन की लापरवाही
- दक्षिण क्षेत्र की एसआईआर में बीएलओ स्तर से कई बूथों पर लापरवाही बरती गई है। यह प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही है। इस संबंध में शिकायत मिली है। जांच कराई जाएगी। - योगेंद्र उपाध्याय, क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री
दर्ज कराएं आपत्ति
- एक मकान में यदि अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। तो ऐसे मामलों में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। जांच और सुनवाई के बाद निस्तारण होगा। अंतिम सूची प्रकाशित होगी। - अरविंद बंगारी, जिलाधिकारी