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कूड़ा निस्तारण में लापरवाही पड़ी आगरा-मथुरा निगम को भारी, लगाया 4.73 करोड़ जुर्माना

Fri, 02 Aug 2019 12:12 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा नगर निगम
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ठोस कूड़ा निस्तारण करने में लापरवाही बरत रहे आगरा-मथुरा नगर निगम और बायो मेडिकल वेस्ट के लिए जेआरआर कंपनी पर एनजीटी मॉनीटरिंग कमेटी ने 4.73 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। 
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रिटायर्ड जज डीपी सिंह की अध्यक्षता वाली मॉनीटरिंग कमेटी ने आगरा और मथुरा नगर निगमों की कलई खोलने वाली रिपोर्ट एनजीटी में पेश कर दी है, जिसमें एक मार्च 2020 तक कूड़े के पहाड़ खत्म न करने पर हर रोज 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की संस्तुति की है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की मॉनीटरिंग के लिए बनाई गई रिटायर्ड जज डीपी सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने चार जुलाई को आगरा में कुबेरपुर डंपिंग साइट, मेडिकल कॉलेज, धांधूपुरा एसटीपी का दौरा किया था।
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मॉनीटरिंग कमेटी ने एनजीटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। मॉनीटरिंग कमेटी के सचिव रिटायर्ड जज राजेंद्र सिंह के मुताबिक कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर कूड़े के पहाड़ से फैल रहे प्रदूषण के कारण आगरा नगर निगम पर 429 दिनों की देरी पर 1.07 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है, वहीं बायो मडिकल वेस्ट के निपटान में 1037 दिनों से लापरवाही बरतने पर 2.59 करोड़ रुपये का जुर्माना जेआरआर कंपनी पर लगाया है। 

मथुरा नगर निगम पर नगला कोलू में 428 दिनों तक कचरा प्रबंधन न करने पर 1.07 करोड़ का जुर्माना लगाने की सिफारिश टीम ने एनजीटी से की है। इन सभी पर 25 हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माने की रकम तय की गई है।
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