आगरा के एत्माद्दौला थाने से गांजे के आरोपियों को अदालत लेकर पहुंचे विवेचक को एनडीपीएस एक्ट के विधिक प्रावधानों का पालन न करना भारी पड़ गया। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट मृदुल दुबे ने रिमांड निरस्त कर आरोपियों को बरी कर विवेचक के खिलाफ ही कार्रवाई के लिए लिख दिया। इसके साथ ही उसकी एक प्रति पुलिस आयुक्त और डीजीपी को प्रेषित करने के भी निर्देश दे दिए।
थाना एत्माद्दौला पुलिस ने 6 अप्रैल को नुनिहाई के न्यू सीतानगर निवासी श्याम यादव और कटरा वजीर खां निवासी अज्जू पंडित उर्फ अजय को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से दो किलो 700 ग्राम गांजा बरामद किया। विवेचक ने आरोपियों को 24 घंटे गुजरने के बाद विशेष न्यायाधीश एडीपीएस एक्ट की अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने के आदेश देने का आग्रह किया था।
न्यायाधीश मृदुल दुबे ने प्रार्थना पत्र के अवलोकन में पाया कि आरोपियों को विवेचक ने गिरफ्तार करने के 24 घंटे बाद अदालत में पेश किया है। इसके साथ ही वह आरोपियों को लेकर पहुंचे तो अदालत की कार्य अवधि समाप्त हो चुकी थी। फर्द बरामदगी पर भी किसी राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। घटना स्थल का नक्शा नजरी पेश नहीं किया।
इसके अलावा बरामद माल को भी सही तरीके से सील नहीं किया गया था। ऐसा करके विवेचक ने एनडीपीएस एक्ट के विधिक प्रावधानों का पालन नहीं किया। इस पर विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट मृदुल दुबे ने आरोपियों की रिमांड निरस्त कर विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश कर प्रति पुलिस आयुक्त और डीजीपी को प्रेषित करने के निर्देश दे दिए।