सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माण में बरती जा रही लापरवाही।
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मुख्यमंत्री के नाम पर शुरू की सड़कों के सुधार की योजना सीएम ग्रिड में सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही से धूल के गुबार से लोग परेशान हैं। शहर में 273 करोड़ रुपये खर्च करके 11.73 किमी लंबी पांच सड़कों को सीएम ग्रिड के तहत बनाया जा रहा है, लेकिन इनके निर्माण में गंभीर खामियां हैं। पांच जगहों पर खुदाई के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे इन इलाकों से लोगों का निकलना मुहाल है। हरे पर्दे और पानी का छिड़काव न होने से अस्थमा रोगियों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
सीएम ग्रिड की सड़कों में सबसे बुरा हाल टेढ़ी बगिया से शाहदरा के बीच का है, जहां सुरक्षा मानकों के साथ धूल नियंत्रण की धज्जियां उड़ा दी गईं। क्षेत्रीय निवासी रामनरेश उपाध्याय ने बताया कि चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग के बिना ही खुदाई की जा रही है। मिट्टी खोदकर जहां की तहां छोड़ दी गई है, जिससे धूल उड़ रही है। 1.5 किमी. हिस्से में धूल के गुबार उठ रहे हैं, जिससे दुकानदार और राहगीर बेहाल हैं। यहां 1000 मिमी. व्यास के पाइप खुदाई करके डाले जा रहे हैं। सीएनजी पंप के पास सुरक्षा इंतजाम न होने से लोगों के 15 फीट गहरे गड्ढों में गिरने का खतरा है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम ग्रिड की सड़कों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन पर हमने फर्मों पर जुर्माना भी लगाया है। धूल न उड़े, इसके लिए खासतौर पर चेतावनी दी है। दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा।