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सीएम ग्रिड के काम की सुस्त रफ्तार: 30 जून तक होना था सड़क निर्माण, अब तक 10 फीसदी हुआ काम; DM ने लगाई फटकार

Wed, 08 Jul 2026 10:46 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

डीएम ने बैठक में ही ठेकेदार फर्म कोणार्क एसोसिएट को तलब किया और फटकार लगाई। फर्म के अभियंता, कर्मचारियों के बारे में पूछा तो पता चला कि अनुबंध के तहत तय कर्मचारियों की कमी है। डीएम ने चेतावनी दी कि समयसीमा का ख्याल रखें अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सीएम ग्रिड योजना के अधूरे पड़े काम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद भी सीएम ग्रिड योजना में लापरवाही जारी है। मंगलवार को डीएम मनीष बंसल ने सीएम ग्रिड की सड़कों की समीक्षा की तो पता चला कि टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार तक महज 10 फीसदी और हरीपर्वत से दिल्ली गेट तक 15 फीसदी काम ही हो पाया है। डीएम ने काम कर रही कंपनियों कोणार्क एसोसिएट और श्रीराम कंस्ट्रक्शन को लापरवाही पर फटकार लगाई। साथ ही नगर आयुक्त को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने टेंडर की शर्तों समेत पूरा ब्योरा तलब किया है।
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अमर उजाला ने टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार, बसई से इंद्रापुरम, सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट और हरीपर्वत से दिल्ली गेट तक चल रहे सीएम ग्रिड योजना के कामों में गड़बड़ियों का खुलासा किया था। मंडलायुक्त के बाद डीएम मनीष बंसल ने समीक्षा की तो हालात बेहद खराब निकले। स्मार्ट सिटी सभागार में हुई बैठक में डीएम ने हर बिंदु पर जवाब मांगा।

 

सीएम ग्रिड का काम दिल्ली गेट से राजामंडी के बीच अक्तूबर से चल रहा है, जबकि हरीपर्वत से दिल्ली गेट के काम को 30 जून तक स्कूल खुलने से पहले पूरा किया जाना था। ढिलाई पर नाराज डीएम ने सीएम ग्रिड की सड़कें बना रहे ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई और बैरिकेडिंग, संकेतक, रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए ताकि कोई दुर्घटना न हो। इस दौरान नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव मौजूद रहे।

 
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ये है हाल
टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार : 2.88 किमी. लंबी सड़क पर महज 10 प्रतिशत काम हुआ है। डीएम ने बैठक में ही ठेकेदार फर्म कोणार्क एसोसिएट को तलब किया और फटकार लगाई। फर्म के अभियंता, कर्मचारियों के बारे में पूछा तो पता चला कि अनुबंध के तहत तय कर्मचारियों की कमी है। डीएम ने चेतावनी दी कि समयसीमा का ख्याल रखें अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। सहायक नगर आयुक्त को सड़क की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। गुणवत्ता की जांच थर्ड पार्टी से कराई जाएगी।

हरीपर्वत से रवि हॉस्पिटल : 1.25 किमी. लंबी इस सड़क पर केवल 15 फीसदी काम हो पाया है। ट्रेंचिंग का काम 30 जून तक खत्म होना था, वह महज 16 फीसदी हो पाया है। निर्माण कर रही कंपनी श्रीराम कंस्ट्रक्शन को फटकारते हुए डीएम ने जवाब मांगा। ठेकेदार ने बताया कि पुलिस से एनओसी देर से मिली, जबकि रास्ते से अतिक्रमण देरी से हटाया गया। डीएम ने मुख्य अभियंता सिविल को अतिक्रमण हटाने, समय सीमा में काम पूरा करने, एनओसी लेने, जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को मौके पर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
 
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