एटा महिला अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आई है। प्रसव के दौरान एक महिला के पेट में कपड़ा छूट गया जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में चिकित्सकों ने प्रसूता को आगरा रेफर कर दिया। यहां नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद प्रसूता के पेट से कपड़ा निकाला गया। गुरुवार को प्रसूता के पति ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को प्रार्थना पत्र देकर इलाज में खर्च हुए रुपये दिलाने की मांग की है। सीएमओ ने पूरे मामले की जांच की बात कही है।
गुरुवार को गांव गदनपुर निवासी संदीप कुमार ने सीएमओ को एक प्रार्थनापत्र दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल में 31 दिसंबर 2020 को प्रीती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया था। यहां डॉ. निधि गुप्ता ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया। इस दौरान हालत बिगड़ने पर उसकी पत्नी को आगरा रेफर कर दिया गया। यहां जांच कराने पर पता चला कि पत्नी के पेट में कपड़ा छूट गया है। इसके चलते पत्नी का दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा। इससे उसे आर्थिक हानि हुई है। पीड़ित ने लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं इलाज में खर्च हुए रुपये दिलाने की बात कही है। सीएमओ डॉ. अरविंद गर्ग का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी उसके बाद कोई कार्रवाई होगी।
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चिकित्सकों को बताया पेट में कपड़ा छूटा
विगत 31 दिसंबर को जिस महिला का ऑपरेशन किया गया था। उस समय पुरुष अस्पताल के सीएमएस सहित मैं भी वहीं मौजूद था। इसके अलावा अन्य चिकित्सक की देखरेख में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ी, यहां उसे आगरा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। वहीं उन्होंने स्वयं आगरा के चिकित्सकों को बताया गया कि प्रसूता के पेट में कपड़ा है, लेकिन परिजन फिर भी वहां नहीं ले और किसी अन्य नर्सिंग होम में लेकर चले गए। यहां उसका ऑपरेशन करा दिया। - डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस महिला अस्पताल एटा