नाव में बैठकर यमुना का निरीक्षण करती नीरी की टीम
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अधिवक्ता एवं पर्यावरणविद् एमसी मेहता की मौजूदगी में राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) की टीम ने मंगलवार को कोसीकलां, छाता, वृंदावन और मथुरा से यमुना जल के नमूने लिए। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कोसी ड्रेन के संबंधित क्षेत्रों का जायजा करते हुए वृंदावन स्थित यमुना में गिरते हुए देखा। यहां ड्रेन के मुहाने से भी नमूने एकत्रित किए गए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरणविद् एमसी मेहता मंगलवार को धार्मिक नगरी मथुरा स्थित यमुना जल की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उनके साथ राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान नीरी के निदेशक डॉ. एसके गोयल, डॉ. प्रवीन और पर्यावरण विद एमसी मेहता के सहयोगी एडवोकेट कात्यानी और मथुरा से गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी भी साथ थे।
नीरी की टीम ने सबसे पहले कोसीकलां में औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले नाले से औद्योगिक और सीवर के नमूने एकत्रित किए। यहां से टीम कोसी ड्रेन के सहारे चलते हुए छाता पहुंची। यहां भी विभिन्न फैक्ट्रियों से निकल रहे पानी और सीवर के नमूने लिए।