मैनपुरी। नगर के प्रसिद्ध शीतला धाम में महाकाली का मंदिर है। जो भक्त माता शीतला देवी के मंदिर में पूजा अर्चना करने जाता हैं। वह पहले माता महाकाली के मंदिर पर जरूर जाते हैं। यहां एक साथ माता के भक्तों को मां के नौ स्वरूपों के दर्शन होते हैं।
शीतला धाम स्थित माता महाकाली के मंदिर की स्थापना मैनपुरी के राजा शिवमंगल सिंह ने कराई थी। मान्यता है कि राजा शिवमंगल सिंह के पास घुमक्कड़ बाबा आए और उन्होंने मंदिर के लिए जगह मांगी। पहले उन्हें कृष्ण टाकीज के पास जगह दी गई जहां उन्होंने हनुमान मंदिर की स्थापना कराई। राजा शिवमंगल सिंह ने घुमक्कड़ बाबा को शीतला देवी मंदिर के पास जगह दी यहां उन्होंने माता महाकाली की स्थापना कराई।
बताया जाता है कि वर्ष 1997 में मंदिर के तत्कालीन महंत रामकिशुन दास को माता ने सपना देकर कहा यहां नौ देवी की स्थापना कराई जाए। महंत रामकिशुन ने यहां 1997 में नौ देवी की स्थापना कराई। ऐसी मान्यता है कि महाकाली के दरबार में जाने वाले भक्त की कामना अवश्य पूरी होती है।
कोरोना महामारी से बचाव के मंदिर में पूरे इंतजाम किए गए हैं। माता के मंदिर में नवरात्र में विशेष हवन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। माता के दरबार में आने वाले लोगों की मनोकामना अवश्य पूरी होती है। माता का दरबार भक्तों के लिए हमेशा खुला रहता है। गीतमदास, महंत महाकाली मंदिर