1. यमुना नदी पर नगला पैमा में बैराज बने
2. ताज से कैलाश तक यमुना की डीसिल्टिंग
3. ताज नेचर वॉक में टॉय ट्रेन का संचालन
4. सूर सरोवर पक्षी विहार में पर्यटन विकास
5. ताजमहल पर भीड़ प्रबंधन, कतार से मुक्ति
6. इनर रिंग रोड और आउटर रिंग रोड का निर्माण
7. शहर की सड़कें गड्ढा मुक्त हों, मशीन से सफाई हो
8. सिविल एन्क्लेव का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो
9. यूरिया को एसीटीएन टैक्स से मुक्त किया जाए
10. मालगोदाम यमुना ब्रिज पर नुनिहाई लिंक रोड निर्माण
11. औद्योगिक भवनों पर संपत्ति कर समाप्त किया जाए
12. मार्बल हैंडीक्राफ्ट को जीएसटी से मुक्त किया जाए
13. टीटीजेड में उद्योगों का दोबारा वर्गीकरण किया जाए
14. टीटीजेड में उद्योगों पर लगी तदर्थ रोक तत्काल हटे
उधर, बटेश्वर के लोग भी मुख्यमंत्री योगी को उनके वादे याद दिला रहे हैं। बटेश्वर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां यमुना नदी में विसर्जित करते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कोई घोषणा नहीं करेंगे। अटल जी जयंती 25 दिसंबर तक बटेश्वर में बहुत कुछ होने लगेगा।
अटल जी की जयंती बीत गई, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ है। इसे लेकर यहां के लोगों में नाराजगी है। बटेश्वर के लोग आज आगरा आ रहे मुख्यमंत्री जी अपने वादे को याद दिलाते हैं। कहते हैं कि अटल जी के बटेश्वर के विकास की भी सुध लीजिए।
जिन गलियों में खेलकूद कर अटल जी का बचपन बीता, वे बदहाल पड़ी हैं। जिस घर में अटल जी रहे, वहां खंडहर है। जिस जंगलात कोठी को तहस नहस कर 1942 में जंग ए आजादी के दौरान अटल जी जेल गए। वह भी राष्ट्रीय स्मारक घोषित होने की बाट जोह रही है। उनकी पाठशाला भी बेहाल है।
अटल जी ने 6 अप्रैल 1999 को बटेश्वर में जिस पर्यटन कॉम्पलेक्स का उद्घाटन किया था। अब तक बदहाल पड़ा है। जीर्णोद्धार की सुध नहीं ली गई है। अटल जी की नसीहत के बाद अस्तित्व में आया सांस्कृतिक प्रेक्षागृह शुरू होने से पहले ही जीर्णशीर्ण हो गया है।
अटल जी भतीजे राकेश वाजपेयी, रमेश वाजपेयी, पूर्व प्रधान चरन सिंह यादव, राम सिंह आजाद, पुत्तू लाल आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अटल के बटेश्वर की बदहाली की ओर ध्यान खींचा है।