राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक के दूसरे दिन केंद्र और प्रदेश सरकार पर प्रचारकों द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया कि मोदी से जनता से खुश है। लेकिन केंद्र सरकार के कई मंत्री और तमाम सांसदों से लोग नाराज हैं।
कई सांसद तो ऐसे हैं जो तीन साल के कार्यकाल में जनता के बीच गए ही नहीं हैं। यूपी सरकार के विधायक भी पब्लिक से दूर हो रहे हैं। संघ ने प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की भी मांग की है।
वृंदावन के केशवधाम में शनिवार को समन्वय बैठक के पहले सत्र की शुरुआत सुबह आठ बजे से हुई। इसमें देश भर से जुटे संघ और संघ से जुड़े संगठनों के प्रचारकों ने अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के बारे में रिपोर्ट पेश की। अधिकांश का कहना था कि सांसद जनता से दूरी बनाए हुए हैं।
तीन साल का कार्यकाल हो गया, लेकिन इनमें तमाम ऐसे हैं जो अपने क्षेत्र में जा ही नहीं रहे। इससे जनता खफा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी से जनता खुश है। आम चर्चा में लोग उनकी तारीफ करते देखे जाते हैं।
समन्वय मीटिंग में सुझाव रखा गया कि केंद्रीय मंत्री और सांसदों को पब्लिक के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। लोगों को लगना चाहिए कि उन्होंने सांसद का चयन करके कोई गलती नहीं की है। क्योंकि बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और महामंत्री संगठन रामलाल भी मौजूद थे, लिहाजा प्रचारकों को जल्द सुधार नजर आने का भरोसा दिया गया।
बेरोजगारी दूर करने में सरकार अभी तक फेल
संघ की समन्वय मीटिंग के अंतिम सत्र में बेरोजगारी को लेकर चर्चा हुई। प्रचारकों ने कहा कि सरकार ने रोजगार देने के दावे तो किए, लेकिन रोजगार दे नहीं सकी। प्रचारकों का कहना था कि जीएसटी और नोटबंदी के बाद कई छोटे कारखाने बंद हो गए हैं। सरकार को चाहिए कि इन कारखानों को जीवित करने के लिए मदद करे।
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे कारखाने स्थापित किए जाएं। डेयरी को बढ़ावा दिया जा सकता है। प्रचारकों ने कहा कि यदि सरकार योजना बनाकर लोगों को रोजगार मुहैया कराए तो काफी हद तक बेरोजगारी की समस्या को दूर किया जा सकता है। प्रचारकों ने प्रस्ताव रखा कि इस संबंध में सरकार को भी सुझाव भेजा जाए।
पढ़िए प्रदेश सरकारों की रिपोर्ट
इसके बाद प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल पर भी प्रचारकों ने रिपोर्ट पेश की। विधायकों के बारे में भी कहा गया कि जनता के बीच नहीं जा रहे हैं। मंत्री और विधायक चंद लोगों के बीच घिरे रहते हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुधारने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की भी मांग की गई।
मीटिंग में सरसंघ चालक मोहन भागवत, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य, विहिप प्रमुख प्रवीण भाई तोगड़िया, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल, सर कार्यवाह भैया जी जोशी और सह सरकार्यवाह दत्रातेय होसबोले समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।