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UP: आगरा में जब्त की गईं एक करोड़ की नारकोटिक्स दवाएं...बैच नंबर से खंगाला जा रहा रिकाॅर्ड, कंपनी की भी जांच

Sun, 11 May 2025 11:33 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में अवैध गोदाम से एक करोड़ की दवाएं जब्त की गईं थीं। ये दवाएं नारकोटिक्स श्रेणी की थीं। मामले में दवाओं के बिक्री रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। साथ ही इन दवाओं को तैयार करने वाली कंपनी की भी जांच हो रही है।
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दवाओं की जांच करती टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के ताजगंज के नगला मेवाती में अवैध गोदाम में मिली एक करोड़ की दवाएं कहां से खरीदी हैं, इसकी जांच शुरू हो गई है। दवाओं पर दर्ज बैच नंबर के आधार पर इनकी जांच की जा रही है। निर्माता कंपनी को भी इसकी रिपोर्ट भेज दी है। इस पर हिमाचल प्रदेश में भी जांच शुरू हो गई है।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नगला मेवाती में अवैध गोदाम में पीबी जोलम, कॉन्बीटाजोल, साइमोडेक्स प्लस अैर पीबी नेक की एक करोड़ की दवाएं जब्त की गईं। ये दर्द निवारक, नींद की दवाएं होने के कारण नारकोटिक्स श्रेणी में आती हैं। गोदाम के मालिक इदरीश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इसने ये दवाएं अपने साढ़ू पप्पू निवासी पक्की सराय की बताईं, जो अभी फरार है। 

 
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ये दवाएं हिमाचल प्रदेश के बद्दी में बनी हैं। इसकी निर्माता कंपनी का नाम रेवांटिस हेल्थ केयर और वितरक पीबी लाइफ साइंसेज है। इनको दवाओं के बैच नंबर देकर जानकारी मांगी है। अगर ये दवाएं कंपनी ने बनाईं हैं तो इनकी कहां बिक्री की है। इसके बारे में भी रिपोर्ट मांगी है। इन दवाओं के 10 नमूनों की लैब में जांच करा रहे हैं, फेल मिलने पर इनकी बिक्री भी रोकी जाएगी।

राज्य ड्रग विभाग ने शुरू की जांच
आगरा के नगला मेवाती के अवैध गोदाम से पकड़ी गई नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के मामले की जांच  बद्दी में प्रदेश के ड्रग विभाग ने शुरू कर दी है। राज्य ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि निर्माता कंपनियों के पास दवाइयां बनाने के लाइसेंस की जांच कर रहे हैं। लाइसेंस होने पर रिकॉर्ड भी परखेंगे। गड़बड़ी पर लाइसेंस रद्द किया जाएगा। 

 
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