शौरीपुर में भगवान नेमीनाथ का भव्य मंदिर
जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ श्रीकृष्ण के चचेरे भाई हैं। शौरीपुर भगवान नेमीनाथ की च्यवन एवं जन्म कल्याणक नगरी है। इसे महाभारत काल में राजा सूरसेन ने बसाया था। उनके नाती समुद्र विजय से भगवान नेमीनाथ का तथा वसुदेव से भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।
साहित्यकार डॉ वीपी मिश्र कहते हैं कि सूरसेन के पुत्र अंधक वृष्णि के बेटे समुद्र विजय से भगवान नेमीनाथ का तथा वसुदेव से भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। राष्ट्र संत पद्म सागर सूरीश्वर महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान नेमीनाथ चचेरे भाई हैं। शौरीपुर भगवान नेमीनाथ की च्यवन एवं जन्म कल्याणक स्थली है।
वर्तमान में शौरीपुर में भगवान नेमीनाथ के मंदिर हैं। इन्हीं पुराने मंदिर की जगह पर शौरीपुर श्वेतांबर तीर्थ ट्रस्ट द्वारा नए मंदिर का निर्माण कराया गया है। जिसमें भगवान नेमीनाथ का मां शिवा देवी, पिता समुद्र विजय के साथ सोमवार को प्रवेश हो चुका है। गुरुवार से 25 फरवरी तक प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य आयोजन शुरू होंगे।