नालंदा बिल्डर एवं डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा, संतोष कटारा और शरद भदौरिया के खिलाफ धोखाधड़ी, गालीगलौज और धमकी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें फ्लैट बुकिंग कराकर कब्जा नहीं देने और खरीदारों के धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। 16 खरीदारों ने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद कार्रवाई की गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नालंदा क्राउन फ्लैट एलौटीज वेलफेयर सोसायटी के सदस्य मनोज कुमार ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि नालंदा बिल्डर एवं डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का आफिस चर्च रोड स्थित शांति मॉल के द्वितीय तल पर है। कंपनी ने 2011 में शास्त्रीपुरम स्थित नालंदा क्राउन योजना शुरू की थी। 36 महीने में उसे पूरा करने का वादा किया। इसके बाद खरीदारों को फ्लैट आवंटित किए जाने थे। बुुकिंग के समय बिल्डर ने कहा था कि फ्लैट का कब्जा जनवरी 2014 में देंगे। इसके लिए विज्ञापन भी निकाला, जिसमें बड़े कलाकारों से उद्घाटन कराए जाने की बात कही थी। मगर, दो साल बाद भी ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर संतोष कटारा, राधेश्याम शर्मा और शरद भदौरिया ने वायदा किया था कि समय पर फ्लैट बनाकर देंगे। अगर, ऐसा नहीं हुआ तो ब्याज भी देंगे। इसका एक एग्रीमेंट भी किया। कंपनी की ओर से एक तीन बीएचके फ्लैट भी बनवाकर दिखाया गया। मगर, डायरेक्टर ने झूठे वायदे किए। बिल्डर ने निर्माण कार्य बंद कर दिया। जब इस बारे में पूछा तो धमकी देकर चुप कर दिया। खरीदारों से 75 से 95 प्रतिशत धनराशि ली जा चुकी है। इसके बावजूद 60 प्रतिशत काम भी नहीं किया गया। अब डायरेक्टर प्रोजेक्ट बंद करने की बात कर रहे हैं। इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा ने बताया कि सोसायटी के 16 लोगों ने शिकायत की है। इस आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एक खरीदारी से तकरीबन 20 से 22 लाख रुपये की धनराशि बुकिंग के नाम पर लेने का आरोप है। तकरीबन 3.5 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला है। सभी दस्तावेजों को चेक किया जा रहा है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। उधर, डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा का कहना है कि आरोप गलत हैं। प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। दो जनवरी से तेज गति से काम कराया जाएगा। सभी फ्लैट पर जल्द कब्जा दे दिया जाएगा। कंपनी के आठ प्रोजेक्ट डिलीवर भी किए जा चुके हैं। हमारे साथी संतोष कटारा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। उनकी छवि को खराब करने के लिए यह मुकदमा कुछ लोगों के इशारे पर दर्ज कराया गया है।
आरोपियों के विदेश भागने की जताई आशंका
लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने अपने सभी प्रोजेक्ट बंद कर दिए हैं। खंदारी स्थित आफिस भी बेच दिया है। अंदेशा है कि सभी डायरेक्टर देश छोड़कर भाग सकते हैं।
कई लोगों ने लिया बैंक लोन
लोगों का आरोप है कि फ्लैट खरीदने के लिए बैंक से लोन ले रखा है। एक तरफ उन्हें फ्लैट नहीं दिया जा रहा है तो दूसरी तरफ बैंक की किश्त भी जमा करनी पड़ रही हैं।