मथुरा नगर निगम की टीम ने बुधवार को जब अतिक्रमण हटाने के लिए सड़क खोदी तो एक ऐसा नाला निकला, जो शहर की 40 कॉलोनियों के पानी की निकासी कर सकता है।
दरअसल, इस नाले को बंद कर दिया गया था। अतिक्रमण हटाते वक्त स्थानीय लोगों ने हल्ला भी मचाया। कुछ लोग टीम से भिड़ गए, लेकिन पुलिस पहुंची तो मामला शांत हो गया।
बुधवार सुबह बीएसए कॉलेज नाले की सफाई की जा रही थी। इसी दौरान पता चला कि करीब पांच सौ मीटर नाले को दबाकर उस पर सड़क बना दी गई है। यह नाला रीजेंसी गार्डन से दूर हटकर निकाल दिया गया है।
लोगों ने किया हंगामा
इस जानकारी के बाद निगम कर्मचारियों ने जैसे ही दबे हुए नाले को खोदने की शुरुआत की करीब 50 लोग संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, नगर निगमकर्मी और वार्ड पार्षद तिलकवीर सिंह के खिलाफ हो गए। हंगामा करने लगे।
नगर आयुक्त समीर वर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने पर ही मामला शांत हो सका। नगर आयुक्त ने बीएसए कॉलेज से लेकर तालाब तक नाले को खुदवाने का निर्देश दिए।
जलभराव की समस्या होगी दूर
नगर आयुक्त ने बताया कि जितना नाला दबा हुआ है उसे खुदवाया जा रहा है। वार्ड 45 के पार्षद तिलकवीर ने बताया कि उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को दबे हुए नाले की जानकारी दी तो उन्हें धमकी मिलने लगीं। इस नाले की खुदाई से नाले का आकार बड़ा हो जाएगा। बरसात के दिनों में 40 कॉलोनियों में जलभराव की समस्या से निजात मिल सकेगी।
जिन कॉलोनी जलभराव की समस्या से मुक्त होंगी, उनमें प्रमुख रूप से द्वारिकापुरी कृष्ण विहार, प्रोफेसर कॉलोनी, आंनदपुरी, जनकपुरी राधिका विहार, कृष्णा विहार, जमुना विहार, जमुना नगर मानस नगर, अग्रसेन नगर, प्रभात नगर, सरस्वती विहार मदन विहार, तेज नगर, प्रकाश नगर, माधवपुरी, बल्देव पुरी, शक्ति नगर आदि हैं।