स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रक्रिया एक जनवरी से 31 जनवरी के बीच तय थी। आगरा में टीम पिछले एक सप्ताह से सत्यापन कार्य कर रही है। स्वच्छता निदेशालय की टीम ने शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, कूड़ा ट्रांसपोर्टेशन और कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया को परखा है। साथ ही शहर में सार्वजनिक, सामुदायिक और निजी शौचालयों की व्यवस्था को जांचा है।
बाजारों में मूत्रालयों की व्यवस्था और उनके रखरखाव की प्रक्रिया को भी देखा है। नगर निगम के उपकरण, कर्मचारी, कर्मचारियों के काम की व्यवस्था आदि की जानकारी की गई है। टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में घूमकर जनता से सीधी बात की है।
इस सर्वेक्षण में जनता से आमने सामने की बात के साथ-साथ आनलाइन फीडबैक का भी विशेष महत्व है। गुरुवार रात 12 बजे तक यह प्रक्रिया चली। बताया जा रहा है कि आगरा 2.98 लाख के साथ सिटीजन फीडबैक और एप डाउन लोड में दूसरे नंबर रहा है। 3.22 लाख के साथ लखनऊ देश में पहले नंबर पर है।
ऑनलाइन फीडबैक के मामले में आगरा की हालत कछुआ और खरगोश की दौड़ जैसी हो गई है। ऑनलाइन फीडबैक के पहले चरण में हैदराबाद सबसे आगे चल रहा था। आगरा नंबर दो पर था। लखनऊ तीन नंबर पर चल रहा था।
आगरा और लखनऊ के बीच फीडबैक का अंतर इतना अधिक था उसे देखकर लग रहा था कि लखनऊ आगरा की बराबरी नहीं कर पाएगा लेकिन अंतिम दौर में हैदराबाद और आगरा को पछाड़ते हुए लखनऊ ने पहला पायदान हासिल कर लिया है।